शनिवार, 11 जून 2011
रविवार, 5 जून 2011
खेल प्रशिक्षण शिविर का समापन
प्रशिक्षण से हमें श्रेष्ठता हासिल होती है - अशोक बजाज
रायपुर/ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष अशोक बजाज ने खेल एंव युवा कल्याण विभाग द्वारा सुभाष स्टेडियम में आयोजित 21 दिवसीय खेल प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य श्रेष्ठता प्राप्त करना होना चाहिए, प्रशिक्षण से हमें श्रेष्ठता हासिल होती है. आप ने ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में खेलो का प्रशिक्षण लेकर समय का सदुपयोग किया है. छत्तीसगढ़ की जनता को आप सब से यही अपेक्षा है कि भविष्य में आप देश के लिए खेलें तथा दुनिया में अपना नाम रोशन करें. इस अवसर पर जिला क्रीडा अधिकारी डेकाटे, सह्नाज़ खान, रामविशाल साहू, अजय साहू,राजकुमार ग्वालानी ,श्याम वर्मा एवं प्रीति बंछोर के अलावा भारी संख्या में जिले के प्रशिक्षणार्थी, प्रशिक्षक एवं खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित थे.
शुक्रवार, 3 जून 2011
नवतपा में प्रदेश यात्रा
हमने चिलचिलाती धूप एवं नवतपा के चलते पिछले 27 मई से 30 मई तक प्रदेश के कई हिस्से का दौरा किया तथा अनेक कार्यक्रमों में भाग लिया . प्रवास के प्रथम दिन यानी 27 मई को दुर्ग जिले के गुंडरदेही में लगभग एक करोड़ की लागत से प्रस्तावित 3600 में.ट. के गोदाम का शिलान्यास किया ,कार्यक्रम में कांकेर के सांसद श्री सोहन पोटाई एवं विधायक श्री वीरेंद्र साहू भी मौजूद थे .
दूसरे दिन यानी 28 मई को रायपुर से सारागांव , पलारी , कसडोल , गिधौरी ( शिवरीनारायण ) होते हुए बिलासपुर संभाग के जांजगीर , चांपा , सक्ती , बाराद्वार , खरसिया में राज्य भंडार निगम के सेंटरों का अवलोकन करते हुए रात्रि में रायगढ़ पहुंचें .
29 मई को घरघोड़ा , लोहरसिंग सेंटरों का अवलोकन कर रायगढ़ में भाजयुमों द्वारा आयोजित घोटालों की बारात में शामिल हुए तत्पश्चात रायगढ़ से निकल कर रात में सारंगढ़ जाकर विश्राम किये .
दिनांक 30 मई को सुबह सारंगढ़ गोदाम का निरीक्षण कर महासमुंद जिले के सरायपाली , बसना एवं पिथौरा केन्द्रों का अवलोकन कर रायपुर जिले के आरंग कार्यालय में रुके तथा रात 11 बजे रायपुर वापस लौट आये .
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| सारंगढ़ के पदाधिकारियों के साथ सुनहरा पल |
गुरुवार, 2 जून 2011
भंडारण क्षमता को बढ़ाने के लिए बन रही योजनाएं
भास्कर न्यूज & बसना (ग्रामीण)

वेयर हाउस निगम एवं सहकारिता प्रकोष्ठ भाजपा के अध्यक्ष अशोक बजाज का सोमवार को बसना आगमन हुआ। जहां भाजपा के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान श्री बजाज ने प्रेस से चर्चा करते हुए बताया कि पूरे देश में अनाज के भंडारण को लेकर चिंता व्याप्त है। इसके मद्देनजर राज्य में भंडारण क्षमता को बढ़ाने के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 5 लाख मीट्रिक टन क्षमता थी जिसे हमने 9 लाख मीट्रिक टन क्षमता और बढ़ा दी है जिससे क्षमता बढ़कर 14 लाख मीट्रिक टन की क्षमता अब हो गई है। श्री बजाज ने महासमुंद जिले की भंडारण क्षमता के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि 36000 मीट्रिक टन की क्षमता आने वाले समय में 1 लाख 14 हजार अनाज भंडारण की क्षमता हो जायेगी। बसना में वर्तमान में 11 हजार मीट्रिक टन की क्षमता है कम क्षमता को देखते हुए 15 हजार की और कार्य क्षमता की कार्य योजना में है। जिसमें लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत लगने की संभावना है जिसका एस्टीमेट बनाया जा रहा है। श्री बजाज ने कहा कि मैं चाहता हूं कि महासमुंद जिला राइस हब बने किसानों से मेरा आग्रह है कि ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करें पर्याप्त मात्रा में भंडारण की व्यवस्था की जाएगी। आजादी के बाद किसानों को पहली बार छत्तीसगढ़ में अनुकूल वातावरण मिला है धान का बीज, खाद, बिजली एवं पर्याप्त मात्रा में कम ऋण पर ब्याज उपलब्ध हा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला चिकित्सा के अध्यक्ष डा. एनके अग्रवाल, ओमप्रकाश चौधरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुधीर नाग, भाजपा महामंत्री रमेश अग्रवाल जसवंत सिंह, आनंद मदनानी, सरिन्दरसिंह, रनजीत सिंह कालू, रामचन्द अग्रवाल, अनिल अग्रवाल व अन्य मौजूद थे।

वेयर हाउस निगम एवं सहकारिता प्रकोष्ठ भाजपा के अध्यक्ष अशोक बजाज का सोमवार को बसना आगमन हुआ। जहां भाजपा के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान श्री बजाज ने प्रेस से चर्चा करते हुए बताया कि पूरे देश में अनाज के भंडारण को लेकर चिंता व्याप्त है। इसके मद्देनजर राज्य में भंडारण क्षमता को बढ़ाने के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 5 लाख मीट्रिक टन क्षमता थी जिसे हमने 9 लाख मीट्रिक टन क्षमता और बढ़ा दी है जिससे क्षमता बढ़कर 14 लाख मीट्रिक टन की क्षमता अब हो गई है। श्री बजाज ने महासमुंद जिले की भंडारण क्षमता के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि 36000 मीट्रिक टन की क्षमता आने वाले समय में 1 लाख 14 हजार अनाज भंडारण की क्षमता हो जायेगी। बसना में वर्तमान में 11 हजार मीट्रिक टन की क्षमता है कम क्षमता को देखते हुए 15 हजार की और कार्य क्षमता की कार्य योजना में है। जिसमें लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत लगने की संभावना है जिसका एस्टीमेट बनाया जा रहा है। श्री बजाज ने कहा कि मैं चाहता हूं कि महासमुंद जिला राइस हब बने किसानों से मेरा आग्रह है कि ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करें पर्याप्त मात्रा में भंडारण की व्यवस्था की जाएगी। आजादी के बाद किसानों को पहली बार छत्तीसगढ़ में अनुकूल वातावरण मिला है धान का बीज, खाद, बिजली एवं पर्याप्त मात्रा में कम ऋण पर ब्याज उपलब्ध हा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला चिकित्सा के अध्यक्ष डा. एनके अग्रवाल, ओमप्रकाश चौधरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुधीर नाग, भाजपा महामंत्री रमेश अग्रवाल जसवंत सिंह, आनंद मदनानी, सरिन्दरसिंह, रनजीत सिंह कालू, रामचन्द अग्रवाल, अनिल अग्रवाल व अन्य मौजूद थे।
देश में राईस हब के रूप में विकसित होगा छत्तीसगढ़ --- बजाज
रायगढ़, (ब्यूरो छत्तीसगढ़)। की क्षमता तीन गुना बढ़ाने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ राज्य को राईस हब के रूप में विकसित करने के लिए भंडारण की क्षमता बढ़ाने का अभियान छेड़ा गया है।
छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाऊसिंग कारपोरेशन के नवनियुक्त अध्यक्ष अशोक बजाज ने आज यह विचार पेस वार्ता में रखे।
सर्पिट हाऊस में रखे गये पेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में उन्होंने जांजगीर कोरबा सहित कई जिलों तथा रायगढ़ के कई विकासखण्डों का दौरा कर चावल भंडारण की स्थिति तथा नये गोदाम के लिए स्थल चयन का जायजा लिया है। रायगढ़ जिले में पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था की जा रही है। जहां तक वर्तमान में शहर व जिले की भंडारण क्षमता का पश्न है फिलहाल शहर में 9 हजार मिट्रीक टन तथा जिले में 53 हजार 400 मिट्रीक टन भंडारण की क्षमता है जिसे आगामी एक साल में बढ़ाकर शहर की भंडारण क्षमता 40 हजार तथा पूरे जिले की भंडारण क्षमता एक लाख 20 हजार मिट्रिक टन से अधिक तक बढ़ाया जायेगा। इस पकार चावल भंडारण की दृष्टि से रायगढ़ जिले को राईस हब बनाने की योजना है। इसके लिए खरसिया को 15 हजार मिट्रिक टन की क्षमता से बढ़ाकर 58 हजार मिट्रिक टन रायगढ़ को 9 हजार से बढ़ाकर 41 हजार मि. टन घरघोड़ा को एक हजार से बढ़ाकर 4600 मि. टन बरमकेला में 1000 मि.टन को बढ़ाकर 2800 मि.टन लैलूंगा में 1800 मि.टन को बढ़ाकर 1900 मि.टन तथा सारंगढ़ में 6600 मि. टन भंडारण क्षमता को बढ़ाकर 10200 मि.टन करने की योजना है। इसके लिए बड़ा गोदाम बनाया जायेगा। इसी बाबत आज उन्होंने एसडीएम के साथ घरघोड़ा, लोहरसिंग के चावल गोदाम सहित कई स्थानों का निरीक्षण किया है। एक ही जगह पर माडल साईज के 1800 मि.टन क्षमता वाले गोदामों के लिए कारपोरेशन को एक स्थान पर 20 से 25 एकड़ जमीन की जरूरत होगी, इसका पयास जारी है। नये बनने वाले इन गोदामों में फंगस, लगने, चूहों की समस्या तथा अन्य समस्याओं से निजात के लिए बाऊन्ड्रीवाल, गेट, डबल शटर सिस्टम बनाया जायेगा।
बुधवार, 1 जून 2011
मनोज चोपड़ा ने नशामुक्ति के लिए दिखाए हैरत-अंगेज करतब
रायपुर / एशिया के नंबर वन तथा विश्व के 14 वें नम्बर के ताकतवर माने जाने वाले रायपुर निवासी मनोज चोपड़ा ने आज राज्य भंडार गृह निगम कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अपने हैरत अंगेज करतब से लोगो को हैरत में डाल दिया .श्री चोपड़ा ने देखते ही देखते लोहे के तवे को गोल मोड़ दिया तथा मोटी किताब को दो बराबर हिस्से में फाड़ दिया . इस अवसर पर श्री चोपड़ा ने कहा कि वे नई पीढ़ी को नशापान से मुक्त करने देशभर का दौरा कर रहे है . राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष अशोक बजाज ने मनोज चोपड़ा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा का उपयोग ग्रामीण क्षेत्र के बच्चो को इस हूनर को सिखाने के लिए किया जाना चाहिए .कार्यक्रम में ३० सेकंड में २२ अंडे फोड़ कर गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज करने वाले राधेश्याम पटेल ने भी करतब दिखाए . इस अवसर पर राज्य विपणन संघ के अध्यक्ष राधाकृष्ण गुप्ता के आलावा बड़ी संख्या में निगम के अधिकारी -कर्मचारी उपस्थित थे .शुक्रवार, 20 मई 2011
बिना एंपायर का मैच और डबल सेंचुरी
ये ब्लागिंग है कोई वन डे मैच नहीं जो एक दिन चले और ख़त्म हो जाये , ब्लागिंग एक ऐसा मैच है जो रोज चलता है . यह पूरे 365 दिन चौबीसों घंटे चलने वाला मैच है .यह टेस्ट मैच भी नहीं जो कुछ दिनों तक चले फिर अवकाश हो जाये .अब तो क्रिकेट में 20-20 ( ट्वेंटी-ट्वेंटी ) का जमाना आ गया है जो सीमित ओव्हरों का होता है तथा आधे दिन में समाप्त हो जाता है . दूसरी ओर ब्लागिंग में ना कोई अवकाश होता है और ना ही कोई गेप होता है . यह निरंतर चलने वाला काम है जिसमें कभी एंड नहीं होता . सन्डे-मंडे की बात तो छोडिये होली , दिवाली और दशहरा का भी अवकाश नहीं होता बल्कि ऐसे बड़े त्योहारों में माउस और ज्यादा दौड़ने लगता है . अब होली को ही ले लें , बाकी लोगों को जैसे जैसे इसका रंग चढ़ता है वैसे वैसे ब्लागर का मन रंगीन पोस्ट लिखने के लिए मचलता है , दिवाली की रात में अनारदाने जैसे जैसे अन्धकार को ललकारते है वैसे वैसे की-बोर्ड पर ब्लागर की उंगलियों का रफ़्तार भी बढ़ते जाता है .
बहरहाल यह ग्राम-चौपाल का 200 वां पोस्ट है , क्रिकेट की भाषा में इसे दोहरा शतक (DOUBLE CENTURY ) कह सकते है . हमने अपना पहला पोस्ट 22 मई 2010 को लगाया था लेकिन हम इस काम में 01 जुलाई 2010 से सक्रिय हुए . मेरा प्रयास तो यही रहता है कि प्रतिदिन एक नया पोस्ट लगे लेकिन जब घर से बाहर रहता हूँ तब पोस्ट लगाना संभव नहीं होता है .डबल सेंचुरी बनाने में लगभग एक वर्ष लग गए .
ब्लागिग के पिच पर अनेक धुरंधर है जो बरसों से क्रीज पर जमे हुए है और चौंकों-छक्कों की बदौलत लगातार शतक पर शतक बनाये जा रहें है . इसके चारों और फिल्डर फैले हुए है जो हर गेंद को टिप्पणी रूपी हथेली से लपकने को तैयार बैठे रहते है . बालिंग करने वाले धुरंधरों की भी यहाँ कोई कमी नहीं , यहाँ आल राउंडर भी आपको बहुत भारी संख्या में मिलेंगे जो कभी लेख रूपी तेज बाल फेंकतें है तो कभी कविता रूपी गुगली .इसमें गूगल और आरकूट जैसे दर्शक भी है जो ब्लागरों का हौसला अफजाई करते रहते है.यहाँ चर्चा मंच , ब्लाग-चौपाल , छत्तीसगढ़ ब्लागर्स चौपाल , ब्लाग4वार्ता जैसे विकेट-कीपर भी है जो पल-पल! हरपल!! पोस्ट लगते ही लपक लेते है यानी गेंद बल्ले से लगी नहीं कि विकेट कीपर ने लपक लिया . सब कुछ तो है पर बेचारा एंपायर ( चिट्ठा-जगत ) आजकल गायब है , जिसकी वजह से कई ब्लागर पवेलियन लौट चुके है .एंपायर के नहीं रहने से ना कोई नंबरिग हो पा रही है और ना ही अनुशासन नाम की चीज यहाँ रह गई है .जिसके मन में जैसा आये बिना हिचक के लिख रहे है क्योकि नो-बाल या वाइड बाल का ईशारा करने वाला यहाँ कोई नहीं . बिना निर्णायक के मैच चल रहा है .अत: जरुरत है स्व - अनुशासन की पर इस कलयुग में स्व - अनुशासन आये भी तो कैसे ?
ब्लागिग के पिच पर अनेक धुरंधर है जो बरसों से क्रीज पर जमे हुए है और चौंकों-छक्कों की बदौलत लगातार शतक पर शतक बनाये जा रहें है . इसके चारों और फिल्डर फैले हुए है जो हर गेंद को टिप्पणी रूपी हथेली से लपकने को तैयार बैठे रहते है . बालिंग करने वाले धुरंधरों की भी यहाँ कोई कमी नहीं , यहाँ आल राउंडर भी आपको बहुत भारी संख्या में मिलेंगे जो कभी लेख रूपी तेज बाल फेंकतें है तो कभी कविता रूपी गुगली .इसमें गूगल और आरकूट जैसे दर्शक भी है जो ब्लागरों का हौसला अफजाई करते रहते है.यहाँ चर्चा मंच , ब्लाग-चौपाल , छत्तीसगढ़ ब्लागर्स चौपाल , ब्लाग4वार्ता जैसे विकेट-कीपर भी है जो पल-पल! हरपल!! पोस्ट लगते ही लपक लेते है यानी गेंद बल्ले से लगी नहीं कि विकेट कीपर ने लपक लिया . सब कुछ तो है पर बेचारा एंपायर ( चिट्ठा-जगत ) आजकल गायब है , जिसकी वजह से कई ब्लागर पवेलियन लौट चुके है .एंपायर के नहीं रहने से ना कोई नंबरिग हो पा रही है और ना ही अनुशासन नाम की चीज यहाँ रह गई है .जिसके मन में जैसा आये बिना हिचक के लिख रहे है क्योकि नो-बाल या वाइड बाल का ईशारा करने वाला यहाँ कोई नहीं . बिना निर्णायक के मैच चल रहा है .अत: जरुरत है स्व - अनुशासन की पर इस कलयुग में स्व - अनुशासन आये भी तो कैसे ?
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