नशा हे ख़राब : झन पीहू शराब


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सोमवार, 26 दिसंबर 2011

छत्तीसगढ़ के प्रयाग में " राजिम कुंभ 2012 " की तैयारी आज से प्रारंभ



महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के पवित्र संगम पर छत्तीसगढ़ के प्रसिध्द तीर्थ राजिम के परम्परागत माघ पूर्णिमा के वार्षिक मेले की तैयारी शुरू हो गई है। इस सिलसिले में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा रायपुर जिले के प्रभारी श्री पुन्नूलाल मोहले ने आज शाम राजिम में केन्द्रीय समिति की बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने राज्य शासन द्वारा जनसहयोग से 'राजिम कुंभ' के रूप में आयोजित किए जाने वाले इस वार्षिक मेले से संबंधित तैयारियों के बारे में अधिकारियों ओर जनप्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया। राजिम कुंभ का यह सातवां वर्ष होगा।

       विशेष रूप से बनाए गए पंडाल में श्री मोहले की अध्यक्षता में आयोजित केन्द्रीय समिति की आज की तैयारी बैठक में बताया गया कि इस बार राजिम कुंभ का आयोजन 07 फरवरी 2012 से शुरू होगा और महाशिवरात्रि पर 20 फरवरी 2012 को इसका समापन होगा। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित आज की बैठक में कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, महासमुन्द्र के लोकसभा सांसद श्री चन्दूलाल साहू, राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार राय, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, अध्यक्ष नगर पंचायत राजिम श्रीमती अंजना महाडिक और राजिम कुंभ मेला समिति के अध्यक्ष श्री युधिष्ठिर चन्द्राकर सहित पर्यटन विभाग के सचिव श्री मनोहर पाण्डेय, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक श्री नरेन्द्र शुक्ला, इतिहासकार और बख्शी सृजनपीठ के अध्यक्ष श्री रमेन्द्र नाथ मिश्र भी उपस्थित थे। इनके अलावा सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय एवं स्थानीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन ंसिंह के नेतृत्व में राजिम के इस प्रसिध्द मेले को राजिम कुंभ के रूप में देश-विदेश में अच्छी पहचान मिली है। विगत वर्षों में इसका आयोजन बहुत ही बेहतर ढंग से हुआ है।


        श्री मोहले ने उम्मीद जतायी कि इस बार भी राजिम कुंभ के सभी कार्यक्रम सुचारू रूप से आयोजित और संचालित होंगे। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को राजिम कुंभ में आने वाले साधु-संतों और लाखों श्रध्दालुओं की सुविधा के लिए बिजली, पानी, प्राथमिक चिकित्सा, अग्नि सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, दाल-भात केन्द्रों की व्यवस्था, नगर एवं मेला स्थल की नियमित साफ-सफाई सहित सभी बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने कहा कि मेले में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों और कला मण्डलियों को भी मुख्य मंच पर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ  सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का मौका दिया जाना चाहिए। प्रभारी मंत्री ने इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

बुधवार, 23 फ़रवरी 2011

शांति और खुशहाली के लिए होंगे और भी बेहतर प्रयास : डॉ. रमन सिंह

 बुधवार, २३ फरवरी २०११





रायपुर 23 फरवरी 2011


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि नया छत्तीसगढ़ राज्य अब एक नई करवट ले रहा है। प्रदेश की दो करोड़ से अधिक जनता विकास के एक दशक को पार कर अब ग्यारहवे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। इस दौरान राज्य शासन द्वारा विगत सात वर्षो में आम जनता के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं से पूरे देश में छत्तीसगढ़ की पहचान बनी है। गरीबों के लिए शुरू की गई अत्यंत किफायती चावल की योजना को अब केन्द्र सरकार पूरे देश में लागू करने जा रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि भगवान राजीव लोचन और संत महात्माओं के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ में सुख-शांति, समृध्दि और खुशहाली लाने के लिए आने वाले वर्षो में और भी अधिक बेहतर प्रयास राज्य सरकार द्वारा किये जाएंगे। राजिम कुंभ ने छत्तीसगढ़ को देश के सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलायी है।

मुख्यमंत्री आज रात महानदी, सोंढुर और पैरी नदियों के पवित्र संगम पर आयोजित राजिम कुंभ के छठवें दिन विशाल संत समागम को संबोधित कर रहे थे। उन्होनें कहा कि भगवान राजीव लोचन की कृपा, संत महात्माओं के आशीर्वाद और जनता के सहयोग से राजिम कुंभ का यह छठवां आयोजन यहॉ किया गया है मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राजिम कुंभ का ही एक अच्छा और सुखद प्रभाव है कि इन छह वर्षो में छत्तीसगढ़ पर अकाल का कोई प्रभाव नहीं पड़ा, बल्कि देश का यह नया राज्य और भी अधिक तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ता चला जा रहा है। पलायन की पीड़ा से छत्तीसगढ़ मुक्त हुआ है। सकल घरेलू उत्पाद की दृष्टि से राज्य की विकास दर 11.49 प्रतिशत रही जो देश में सबसे ज्यादा है। इसमें छत्तीसगढ़ ने गुजरात जैसे पुराने और विकसित राज्य को भी पीछे छोड़ दिया। डॉ. सिंह ने संत समागम मे पधारे गोवर्धन मठ, पुरी के जगत्गुरू शंकराचार्य स्वामी निष्चलानंद सरस्वती सहित देश भर से आए संत महात्माओं का स्वागत करते हुए कहा कि इनके आगमन से छत्तीसगढ़ की धरती धन्य हुई है। मुख्यमंत्री ने राजिम कुंभ में श्रध्दालुओं की सुविधा के लिए छह करोड़ रूपए की लागत से बनवाए गए एनीकट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें आगामी वर्षो में छह फीट से भी ज्यादा पानी रहेगा। आने वाले वर्षो में राजिम कुंभ को इसकी गरिमा के अनुरूप बेहतर से बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। संत समागम में प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास और धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, खाद्य मंत्री श्री पुन्नू लाल मोहले, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार राय, छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, राजिम विधायक श्री अमितेष शुक्ल, संत कवि और पूर्व सांसद श्री पवन दीवान, पूर्व मंत्री श्री अजय चंद्राकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में भक्तजन उपस्थित थे। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि छत्तीसगढ़ के इस पावन तीर्थ राजिम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा कानून बनाकर राजिम कुंभ की परम्परा की शुरू की गई । जहां धर्मात्माओ का राज होता है वहां परमात्मा का वास होता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि कोई भी कुंभ साधु-संतों के बिना सार्थक नहीं होता। राजिम कुंभ साधु-संतों वाणी से ही चरितार्थ हो रहा है। उन्होने कहा कि साधु-संतो के आशीर्वाद से हम छत्तीसगढ़ को एक ऐसा आदर्श राज्य बनाएंगे जहां धर्म की रक्षा हो,  सुख शांति हो और कोई भूखा न रहे। छत्तीसगढ़ धर्म धरा है। राजिम कुंभ के माध्यम से धर्मध्वजा पूरे विश्व में लहराएगी। कृषि मंत्री श्री चंद्रषेखर साहू ,खाद्य मंत्री श्री पुन्नू लाल मोहले और विधायक श्री अमितेष शुक्ल ने भी संत समागम में अपने विचार व्यक्त किए। गोवर्धन मठ, पुरी के पीठाधीश्वर जगत गुरू शंकराचार्य स्वामी निष्चलानंद महाराज ने इस अवसर पर आशीष वचन में लोगों को मांस-मंदिरा जैसी सामाजिक बुराईयों से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वैदिक संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्र निर्माण के लिए वैदिक संस्कृति और संस्कारों के अनुरूप समाज के विकास और जनकल्याण के लिए शासन तंत्र को तत्पर रहना चाहिए। स्वामी निश्चलानंद महाराज ने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास करना पूरे विश्व के लिए लाभदायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने संत समागम के अवसर पर भगवान राजीव लोचन के मंदिर में पूजा अर्चना की और छत्तीसगढ़ सहित सम्पूर्ण राष्ट्र की सुख-समृध्दि और खुशहाली के लिए उनसे आशीर्वाद मांगा। डॉ.  सिंह ने इस मौके पर पुरी पीठाधीश्वर जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद जी सहित सभी आमंत्रित साधु-संतों से भी आशीर्वाद प्राप्त किया।

राजिम कुंभ की झलकियाँ