एक
राष्ट्रीय न्यूज चैनल द्वारा दिखाया जा रहा "कश्मीर का सच" पता नहीं यह
कितना सच और कितना झूठ है ? उस पीढ़ी के लोग तो अब रहे नहीं जो इस तथाकथित
"सच" की समीक्षा करते, पर इतिहास तो यही कहता है कि जम्मू-कश्मीर का भविष्य
पंडित नेहरू, लार्ड माउंटबेटन और शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की दोस्ती की भेंट
चढ़ गया. अगर सरदार पटेल को पूरी छूट मिली होती तो कश्मीर समस्या उसी समय
समाप्त हो चुकी होती , लेकिन पंडित नेहरू का अब्दुल्ला प्रेम इसमें आड़े आ
गया. इस न्यूज चैनल ने कश्मीर रियासत को भारत में विलय में राष्ट्रीय स्वयं
सेवक संघ के तत्कालीन सरसंघचालक श्री माधवराव सदाशिव राव गोलवलकर जी की
भूमिका का अपने रपट में कहीं उल्लेख ही नहीं किया जबकि उन्होंने ही कश्मीर
के भारत में विलय में मुख्य भूमिका अदा की थी. उक्त रपट में केवल पंडित
नेहरू को ही महिमा मंडित करने का प्रयास किया गया. रपट में यह जानकारी भी
छुपाई गई कि जब भारतीय सेना ने कश्मीर के दो तिहाई हिस्से से पाकिस्तानी
समर्थकों को खदेड़ दिया था तो पं. नेहरू ने सीज फायर की घोषणा कर भारतीय
सेना को वापस लौटने का आदेश किसके इशारे पर दिया तथा पं. नेहरू ने
किसके इशारे पर कश्मीर में धारा 370 लगाई ? बहरहाल पूरे रपट में लार्ड
माउंटबेटन को भारत का महान राष्ट्र भक्त घोषित करने के पीछे उनकी मंशा क्या
है इसे गहराई से समझने की जरुरत है.
रविवार, 28 जुलाई 2013
मंगलवार, 4 जून 2013
छत्तीसगढ़ की अनाज भण्डारण क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि
छत्तीसगढ़ की अनाज भण्डारण क्षमता लगभग 12 लाख मीटरिक टन तक पहुंची : साढ़े नौ साल में बने 245 करोड़ के 364 नये गोदाम
भण्डारण शुल्क में सामान्य किसानों को 20 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति के किसानों को 30 प्रतिशत की विशेष छूट
अनाज भण्डारण के लिए अग्रिम आरक्षण की भी सुविधा
अनाज भण्डारण के लिए अग्रिम आरक्षण की भी सुविधा
कृषि उपजों के सुरक्षित भण्डार के लिए
छत्तीसगढ़ के किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से भण्डारण की सुविधा देने राज्य
शासन द्वारा बड़े पैमाने पर गोदामों का निर्माण करवाया जा रहा है। प्रदेश
सरकार की एजेंसी के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम द्वारा विगत
वर्ष 2004 से वर्तमान वर्ष 2013 में अब तक लगभग साढे़ नौ साल में 245 करोड़
रूपए की लागत से 364 गोदामों का निर्माण किया गया है, जिनकी भण्डारण क्षमता
लगभग सात लाख मीटरिक टन है। इन्हें मिलाकर भण्डार गृह निगम के गोदामों की
संख्या बढ़कर 779 और उनकी कुल भण्डारण क्षमता बढ़कर ग्यारह लाख 82 हजार 712
मीटरिक टन तक पहुंच गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दिशा-निर्देशों के
अनुरूप निगम द्वारा गोदाम निर्माण का कार्य एक अभियान के रूप में चलाया जा
रहा है।
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| छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष अशोक बजाज |
निगम
अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने आज यहां बताया कि वर्तमान 779 गोदामों में से
348 गोदामों का निर्माण उनके वर्तमान कार्यकाल के विगत ढाई वर्ष में यानी
दिसम्बर 2010 से अब तक की अवधि में किया गया है, जिनकी कुल भण्डारण क्षमता
लगभग पांच लाख मीटरिक टन है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ भण्डार गृह निगम
की स्थापना दो मई 2002 को हुई थी। किसानों के साथ-साथ व्यापारियों,
संस्थाओं और अन्य जमाकर्ताओं को अनाज के सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से
भण्डारण की सुविधा देना निगम का उददेश्य है। इसमें किसानों को सर्वोच्च
प्राथमिकता दी जा रही है। सामान्य किसानों को उनके जमा किए जाने वाले स्टाक
पर भण्डारण शुल्क में बीस प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है, जबकि
अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को तीस प्रतिशत छूट पर भण्डारण
सुविधा दी जा रही है। किसान अगर अपना माल निगम के गोदामों में जमा करने के
लिए अग्रिम आरक्षण चाहते हों, तो उन्हें इसकी सुविधा भी निगम की ओर से मिल
सकती है। किसान अगर चार माह का अग्रिम भण्डारण शुल्क जमा कर दें, तो उन्हें
भण्डारण शुल्क में पांच प्रतिशत की विशेष छूट मिलेगी। गोदामों से पांच
किलोमीटर की परिधि में रहने वाले किसानों और अन्य लोगों को जो, वहां
भण्डारण करवाना चाहते हैं, उन्हें उनके कृषि उपजों की सुरक्षा के लिए कीट
उपचार सुविधा भी नाम मात्र के शुल्क पर दी जा रही है।
श्री बजाज ने बताया कि निगम द्वारा 68 करोड़ 35 लाख रूपए की लागत से निर्मित 145 नये गोदामों के लोकार्पण का कार्यक्रम भी विकास यात्रा के दौरान बनाया गया था। इन गोदामों की भण्डारण क्षमता दो लाख 31 हजार 800 मीटरिक टन है। इनमें से लगभग 59 गोदामों का लोकार्पण पिछले महीने की छह तारीख से 25 तारीख के बीच विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हाथों सम्पन्न हो चुका है। लोकार्पित गोदामों में धरसींवा, खरोरा, महासमुंद, बसना, सरायपाली, बागबाहरा, पिथौरा, धमतरी, सिहावा, कुरूद, डौंडी, गुण्डरदेही, कवर्धा, पंडरिया, केशलूर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, गीदम, कोन्टा, कांकेर, चारामा और पखांजूर क्षेत्र के किसानों को अनाज भण्डारण की अच्छी सुविधा मिलेगी। इनके अलावा भैरमगढ़, जांजगीर, अकलतरा, सक्ती, बाराद्वार, चाम्पा, कोरबा, कटघोरा, पाली, लोहरसिंग, घरघोड़ा, बरमकेला, लैलूंगा, सारंगढ़, खरसिया, कुसमी, विश्रामपुर, सूरजपुर, कुनकुरी, बगीचा, पत्थलगांव, फरसाबहार, बैकुंठपुर और जनकपुर में भी नये गोदामों का निर्माण किया जा चुका है। विगत 25 मई को दरभा क्षेत्र में नक्सल हिंसा के कारण अनेक वरिष्ठ नेताओं, नागरिकों और पुलिस जवानों की शहादत की दुखद घटना के कारण विकास यात्रा स्थगित कर दी गयी थी। इस वजह से इनका लोकार्पण नहीं हो पाया। विकास यात्रा में भण्डार गृह निगम द्वारा मुख्यमंत्री के हाथों लगभग एक लाख 46 हजार मीटरिक टन भण्डारण क्षमता के 77 नये गोदामों के निर्माण के लिए भूमिपूजन का भी कार्यक्रम था। श्री बजाज ने बताया कि इनमें से 44 गोदामों का भूमिपूजन महासमुंद धमतरी, बालोद, भिलाई्र-तीन, केशकाल और चारामा के कार्यक्रमों सम्पन्न हुआ। भण्डार गृह निगम के पांच क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अम्बिकापुर और दुर्ग में संचालित किए जा रहे हैं।
क्रमांक-878/स्वराज्य,रायपुर, 04 जून 2013श्री बजाज ने बताया कि निगम द्वारा 68 करोड़ 35 लाख रूपए की लागत से निर्मित 145 नये गोदामों के लोकार्पण का कार्यक्रम भी विकास यात्रा के दौरान बनाया गया था। इन गोदामों की भण्डारण क्षमता दो लाख 31 हजार 800 मीटरिक टन है। इनमें से लगभग 59 गोदामों का लोकार्पण पिछले महीने की छह तारीख से 25 तारीख के बीच विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हाथों सम्पन्न हो चुका है। लोकार्पित गोदामों में धरसींवा, खरोरा, महासमुंद, बसना, सरायपाली, बागबाहरा, पिथौरा, धमतरी, सिहावा, कुरूद, डौंडी, गुण्डरदेही, कवर्धा, पंडरिया, केशलूर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, गीदम, कोन्टा, कांकेर, चारामा और पखांजूर क्षेत्र के किसानों को अनाज भण्डारण की अच्छी सुविधा मिलेगी। इनके अलावा भैरमगढ़, जांजगीर, अकलतरा, सक्ती, बाराद्वार, चाम्पा, कोरबा, कटघोरा, पाली, लोहरसिंग, घरघोड़ा, बरमकेला, लैलूंगा, सारंगढ़, खरसिया, कुसमी, विश्रामपुर, सूरजपुर, कुनकुरी, बगीचा, पत्थलगांव, फरसाबहार, बैकुंठपुर और जनकपुर में भी नये गोदामों का निर्माण किया जा चुका है। विगत 25 मई को दरभा क्षेत्र में नक्सल हिंसा के कारण अनेक वरिष्ठ नेताओं, नागरिकों और पुलिस जवानों की शहादत की दुखद घटना के कारण विकास यात्रा स्थगित कर दी गयी थी। इस वजह से इनका लोकार्पण नहीं हो पाया। विकास यात्रा में भण्डार गृह निगम द्वारा मुख्यमंत्री के हाथों लगभग एक लाख 46 हजार मीटरिक टन भण्डारण क्षमता के 77 नये गोदामों के निर्माण के लिए भूमिपूजन का भी कार्यक्रम था। श्री बजाज ने बताया कि इनमें से 44 गोदामों का भूमिपूजन महासमुंद धमतरी, बालोद, भिलाई्र-तीन, केशकाल और चारामा के कार्यक्रमों सम्पन्न हुआ। भण्डार गृह निगम के पांच क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अम्बिकापुर और दुर्ग में संचालित किए जा रहे हैं।
शनिवार, 26 जनवरी 2013
गणतंत्र दिवस 2013 के कार्यक्रमों की झलकियाँ
प्रस्तुत है गणतंत्र दिवस 2013 के कार्यक्रमों की झलकियाँ -
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| गणतंत्र दिवस 2013 : चौपाल में ध्वजारोहण. |
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| गणतंत्र दिवस 2013 : राज्य भंडारगृह निगम के प्रांतीय मुख्यालय में ध्वजारोहण. |
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| गणतंत्र दिवस 2013 : राज्य भंडारगृह निगम के प्रांतीय मुख्यालय में ध्वजारोहण. |
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| गणतंत्र दिवस 2013 : सरस्वती शिशु मंदिर अभनपुर में बालमित्र पत्रिका का विमोचन. |
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| गणतंत्र दिवस 2013 : सरस्वती शिशु मंदिर अभनपुर में ध्वजारोहण. |
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| गणतंत्र दिवस 2013 :शा.कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला अभनपुर. |
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| गणतंत्र दिवस 2013 :शा. बजरंग दास उच्चतर माध्यमिक शाला अभनपुर में ध्वजारोहण. |
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| गणतंत्र दिवस 2013 : श्री बजरंग दास शा. उच्चतर माध्यमिक शाला अभनपुर में गणतंत्र दिवस समारोह. |
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| गणतंत्र दिवस 2013 : अभनपुर के मुख्य संयुक्त समारोह में ध्वजारोहण. |
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| गणतंत्र दिवस 2013 : नगर पंचायत अभनपुर के तत्वाधान में मुख्य समारोह में परेड की सलामी. |
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| गणतंत्र दिवस 2013 : नगर पंचायत अभनपुर द्वारा आयोजित नगर स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में स्कूली बच्चों की रंगारंग प्रस्तुति. |
| गणतंत्र दिवस 2013 : नगर पंचायत अभनपुर द्वारा आयोजित नगर स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह . |
गणतंत्र दिवस की आप सबको हार्दिक शुभकामनाएं !
गुरुवार, 22 मार्च 2012
नगरी में 1800 मीटरिक टन के गोदाम का शिलान्यास
आदिवासी क्षेत्रों में भण्डारण क्षमता बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : श्री अशोक बजाज
मंगलवार, 20 मार्च 2012
छत्तीसगढ़ के राशन दूकानों में "अन्नपूर्णा ए.टी.एम."
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और भी अधिक पारदर्शी तथा सुगम बनाने कोर पी.डी.एस.
| राशन दूकान संचालित करने वाली महिलाओं को मिला अन्नपूर्णा ए.टी. एम. |
उल्लेखनीय है कि कोर पी.डी.एस. में परिवारों को राशनकार्ड के स्थान पर स्मार्ट कार्ड दिए जा रहे हैं। संबंधित राशन दुकान में जाकर हितग्राही अपने स्मार्ट कार्ड को मशीन में डालकर अपने कोटे के राशन में से जरूरत के हिसाब से राशन प्राप्त कर सकता है। अगले दो माह में राजधानी रायपुर की सभी 175 राशन दुकानों को इस नवीन प्रणाली से जोड़कर वहां के वर्तमान राशन कार्ड धारकों को स्मार्ट कार्ड जारी करने का लक्ष्य है। इस प्रणाली में ऐसी कम्प्यूटरीकृत तकनीकी व्यवस्था की है कि कोई भी स्मार्ट कार्ड धारक किसी भी राशन दुकान में जाकर अपने स्मार्ट कार्ड के आधार पर जरूरत का राशन प्राप्त कर सकता है।
खाद्य मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज,विधायक श्री कुलदीप जुनेजा , नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती किरणमयी नायक, सभापति श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर संभाग के कमिश्नर श्री बी.एल. तिवारी और खाद्य सचिव श्री विकासशील विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे।
| "अन्नपूर्णा ए.टी.एम." का अवलोकन |
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि पूरे देश में यदि कहीं सार्वजनिक वितरण प्रणाली की बेहतर व्यवस्था है तो वह छत्तीसगढ़ में है। खाद्य सचिव श्री विकासशील ने योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हितग्राही किसी भी दुकान से राशन ले सकते हैं, उन्हें लिए गये राशन की प्रिंटेड रसीद भी दी जाएगी। यदि हितग्राही किसी दुकान की सेवाओं से संतुष्ट नहीं है, तो वह अपनी पसंद की किसी भी दुकान से राशन ले सकेगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा चलित राशन दुकानें भी प्रारंभ की जाएंगी, जो निर्धारित दिनों में, तय स्थान पर नियत समय पर उपलब्ध होंगी, हितग्राही इन दुकानों से भी राशन ले सकेंगे। योजना के प्रथम चरण में रायपुर शहर की पांच उचित मूल्य दुकानों में कोर पी.डी.एस. व्यवस्था प्रारंभ की जा रही है। कोर पी.डी.एस. में मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को स्मार्ट कार्ड के माध्यम से तथा ए.पी.एल. कार्डधारियों को कम्प्यूटरीकृत राशनकार्ड के जरिए खाद्यान्न प्राप्त होगा। इससे चार हजार से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।
कोर पी.डी.एस. व्यवस्था से उचित मूल्य दुकानदारों को मेनुअल प्रविष्टि से भी मुक्ति मिलेगी और उपभोक्ताओं को खाद्यान्न प्राप्त करने में कम समय लगेगा। उपभोक्ताओं के द्वारा खाद्यान्न का उठाव करने पर इसकी जानकारी पाइंट ऑफ सेल उपकरण के माध्यम से एन.आई.सी. के सर्वर के जरिए आनलाइन हो जाएगी। इससे खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी। इंटरनेट में खाद्यान्न उठाव की जानकारी दर्ज होने के साथ ही शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में आवश्यकतानुसार पुन: भंडारण किया जा सकेगा तथा उचित मूल्य दुकानों में शेष आबंटन की मात्रा भी देखी जा सकेगी जिससे आबंटन प्रदाय करने में सुविधा होगी।
रायपुर शहर में जिन पांच उचित मूल्य दुकानों में कोर पी.डी.एस. व्यवस्था आज से लागू की जा रही है, उनमें रानी लक्ष्मीबाई वार्ड क्रमांक 23 फोकटपारा देवेन्द्र नगर में जयविजय प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, पंडित रविशंकर शुक्ल वार्ड क्रमांक 24 राजातालाब में प्रीणा सामुदायिक विकास समिति तथा चलो चलें सामुदायिक विकास समिति द्वारा संचालित दो उचित मूल्य दुकान एवं कालीमाता वार्ड क्रमांक 33 में पंडरी शिव मंदिर के पास स्थित कंचन सामुदायिक विकास समिति द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकान शामिल हैं। कोर पी.डी.एस. के लिए चयनित दुकानों में पाइंट आफ सेल उपकरण तथा स्मार्टकार्ड दिया गया है। पाइंट आफ सेल मशीन से स्मार्ट कार्ड और कम्प्यूराईज्ड कोर्ड स्वेप करने पर उपभोक्ताओं को खाद्यान्न चावल, गेहूं, नमक, एवं केरोसीन की पात्रता मात्रा कीमत सहित प्रदर्शित होने के साथ ही बिल भी प्राप्त होगा।
सोमवार, 12 मार्च 2012
भण्डार गृह निगम को 21.90 करोड़ रूपए का मुनाफा
प्रदेश सरकार के सार्वजनिक उपक्रम छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम को चालू
वित्तीय वर्ष के दौरान 21 करोड़ 90 लाख रूपए का विशुध्द मुनाफा हुआ है, जो
पिछले वर्ष की तुलना में तीन प्रतिशत ज्यादा है। निगम की भण्डारण क्षमता आज
की स्थिति में बढ़कर करीब सात लाख मीटरिक टन हो गयी है, जबकि वर्ष 2002 में
इसकी भण्डारण क्षमता केवल चार लाख 24 हजार मीटरिक टन थी। यह जानकारी आज
यहां आयोजित निगम की 9वीं वार्षिक साधारण सभा में दी गयी। निगम मुख्यालय
में आयोजित साधारण सभा की बैठक की अध्यक्षता निगम अध्यक्ष श्री अशोक बजाज
ने की। श्री बजाज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशा के अनुरूप
निगम द्वारा राज्य में अनाज भण्डारण के अलावा फल-फूलों और सब्जियों के
सुरक्षित भण्डारण के लिए कोल्ड स्टोरेज निर्माण की योजना भी तैयार की जा
रही है। इस अवसर पर केन्द्रीय भण्डार गृह निगम के प्रतिनिधि श्री अविनाश
गायमुखे, राज्य शासन के प्रतिनिधि, खाद्य विभाग के अवर सचिव श्री एम.के.
गुप्ता और निगम महाप्रबंधक श्री जन्मेजय महोबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी
उपस्थित थे।
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