नशा हे ख़राब : झन पीहू शराब


"न्यूज ब्लॉग में आपका स्वागत है" ..... जल है तो कल है "....." नशा हे ख़राब : झन पीहू शराब " ..... - अशोक बजाज
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सोमवार, 22 अगस्त 2011

पारागांव में नशामुक्ति के लिए चौपाल

समाचार/प्रेस/अभनपुर/नशामुक्ति/ 22 अगस्त 2011                 

महिलायें मुख्यमंत्री के विश्वास में खरा उतरें 
 
 
 



चौपाल 
रायपुर  / राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष अशोक बजाज ने नशामुक्ति के लिए ग्राम पारागांव  में चौपाल लगाकर महिलायों को इस सामाजिक बुराई के खिलाफ सतत संघर्ष करने की अपील की . उन्होंने कहा कि नशापान से व्यक्ति का शारीरिक,मानसिक एवं आर्थिक पतन होता है . नशाखोर व्यक्ति ना केवल स्वयं का बल्कि पूरे समाज को बर्बाद करता है . श्री बजाज ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नशामुक्ति की दिशा में उठाये गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि केवल सरकार के प्रयास से ही इस बुराई को समाप्त नहीं किया जा सकता बल्कि इसके लिए सबको सामने आना पड़ेगा . माननीय मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने इस महान पुनीत कार्य के लिए महिलाओं पर भरोसा करके गाँव-गाँव  में भारत माता वाहिनी बनाने का फैसला किया है , अब महिलाओं की जिम्मेदारी है कि वे मुख्यमंत्री के विश्वास में खरा उतरे . उपस्थित जनसमुदाय को युधिष्ठिर चंद्राकर एवं साधना सौरज ने भी संबोधित किया . इस अवसर पर पूर्व सरपंच दुर्गाप्रसाद गौतम , शिवराम देवांगन , तिलकराम देवांगन सहित अनेक लोंगों से जीवन भर नशापान ना करने तथा अन्य लोंगों को भी इस बुराई से दूर रहने हेतु प्रयास करने का संकल्प लिया . कार्यक्रम में जनपद सदस्य सोहन देवांगन , मनमोहन अग्रवाल , अकरम खां , राजेन्द्र देवांगन , उमेंद बांसवार ,कौशल  बांसवार  , शांति बाई देवांगन , मनीषा साकुरे , अवध देवांगन ,  कृष्णा देवांगन, अर्जुन बांसवार , मांगतीन यादव , बगस राम साहू , गीता निषाद मीना देवांगन , कमला देवांगन , सरस्वती साहू , राधा वर्मा , मायावती यादव , सहित भारी संख्या में ग्रामवासी उपस्तिथ थे .
 
 
  पारागांव में नशामुक्ति अभियान के कार्यक्रम में संबोधन
 नशामुक्ति अभियान में जुटी महिलाएं
 
 

शुक्रवार, 17 जून 2011

नशामुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका के लिए अशोक बजाज का सम्मान

                छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य में शराब बंदी लागू करने के लिए वाणिज्यिक-कर विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदमों की प्रशंसा करते हुए इसके लिए विभागीय मंत्री श्री अमर अग्रवाल तथा राज्य बेवरेजेस कार्पोंरेशन के अध्यक्ष श्री देवजी भाई पटेल और पूर्व मंत्री डॉ. रामचन्द्र सिंहदेव सहित विभाग के सचिव श्री गणेश शंकर मिश्रा तथा अन्य सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने शराब बंदी के अभियान में सक्रिय सहयोग दे रहे समस्त जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, समाज सेवी संगठनों और महिला संगठनों का भी आभार माना है।डॉ. रमन सिंह ने आज यहां शहीद स्मारक भवन में आयोजित आभार एवं अभिनंदन समारोह को सम्बोधित करते हुए नशामुक्ति जन-जागरण अभियान में सराहनीय भूमिका के लिए अनेक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर अनेक महिला संगठनों ने शराब बंदी की कार्य योजना पर प्रभावी अमल के लिए मुख्यमंत्री को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

              समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुए लोगों में राज्यबेवरेजेस कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्री देवजी भाई पटेल, राज्य भण्डार गृह निगम अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, पूर्व मंत्री डॉ. रामचन्द्र सिंहदेव, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम अध्यक्ष श्री श्याम बैस, संकल्प सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष श्री अशोक चौधरी, प्रजापिता ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सरिता बहन और सचिव आबकारी श्री गणेश शंकर मिश्र भी शामिल थे।मुख्यमंत्री ने इनके अलावा अन्य अनेक संस्थाओं को भी प्रशस्ति-पत्र भेंटकर सम्मानित किया।

नशाखोरी खत्म करने महिलाओं को साथ लेकर बनेगी भारत माता वाहिनी

आभार और अभिनंदन समारोह

नशामुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका के लिए अशोक बजाज का सम्मान 
    रायपुर, 17 जून 2011

1271-2-170611 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार ने राजस्व का नुकसान सहकर भी राज्य में शराब बंदी लागू करने की मानसिकता बना ली है। उन्होंने कहा कि अब शराबबंदी में भी छत्तीसगढ़ पूरे देश के लिए एक आदर्श राज्य बनेगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के छत्तीसगढ़ मॉडल की तरह हम देश को नशाबंदी का छत्तीसगढ़ मॉडल भी देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्वस्थ और समृध्द छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शराब बंदी के साथ-साथ तंबाकू, गांजा और अफीम आदि हर प्रकार के नशे से राज्य को मुक्त करना बहुत जरूरी है। यह कार्य अकेले कानून बनाकर नहीं बल्कि जन-जागरण और जनसहयोग से ही संभव हो सकता है। सामाजिक जागृति लाकर शराब और अन्य नशीले पदार्थों के चलन को बेहतर तरीके से रोका जा सकता है।

    डॉ. रमन सिंह आज यहां शहीद स्मारक भवन में उनके सम्मान में आयोजित आभार एवं अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह का आयोजन प्रदेश सरकार के उपक्रम छत्तीसगढ़ राज्य बेवरेजेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से संचालित नशा बंदी प्रचार अभियान के तहत संकल्प सांस्कृतिक समिति और अन्य अनेक समाजसेवी संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता और प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. रामचन्द्र सिंहदेव ने की। समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य बेवरेजेस कार्पोरेशन के अध्यक्ष और विधायक श्री देवजी भाई पटेल, राज्य भंडारगृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, राज्य कृषि एवं बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्याम बैस, अध्यक्ष जिला पंचायत रायपुर श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सचिव वाणिज्यिक-कर विभाग श्री गणेश शंकर मिश्रा और संकल्प सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष श्री अशोक चौधरी सहित अन्य अनेक समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

    राज्य शासन की वर्ष 2011 में घोषित नवीन आबकारी नीति में दो हजार तक आबादी वाले गांवों में शराब दुकानें नहीं खोलने के महत्वपूर्ण निर्णय सहित राज्य में अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसने के लिए उठाए गए कठोर प्रशासनिक कदमों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री के सम्मान में यह समारोह आयोजित किया गया। डॉ. रमन सिंह ने समारोह में दो विशेष पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया।
 
   मुख्य अतिथि की आसंदी से समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तव में यह मेरा नहीं बल्कि आप सबका अभिनंदन है, जिनके सहयोग से राज्य को नशामुक्त छत्तीसगढ़ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने समारोह में राज्य के उन समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों का भी अभिनंदन किया, जिन्होंने शराब बंदी के लिए वातावरण बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभायी। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सहित सभी संत महात्माओं ने शराब और नशे की बुराई से समाज को बचने की नसीहत दी थी। उन सब के आशीर्वाद से प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में शराबबंदी लागू करने की कार्य-योजना चरणबध्द तरीके से शुरू की गयी है। भले ही इसके लिए हमें राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा, लेकिन मुझे ऐसे राजस्व की जरूरत नहीं है, जिससे हमारी माताओं और बहनों को दिक्कतों का सामना करना पड़े और लोगों के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके प्रथम चरण में दो हजार तक आबादी वाले गांवों में चालू वित्तीय वर्ष से 239 देशी-विदेशी मदिरा दुकानों को बंद कर दिया गया है। इसी कड़ी में अवैध शराब और नशाखोरी के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए राज्य के सात जिलों में महिलाओं की भारत माता वाहिनी का गठन किया जा रहा है। इन जिलों में इसके लिए 14 विकासखंडों के 70 गांवों को चिन्हांकित कर वहां भारत माता वाहिनी गठित की जाएगी। भारत माता वाहिनी की महिलाएं शराबबंदी के लिए गांवों में जन-जागरण करते हुए वातावरण बनाएंगी। इनकी सफलता के आधार पर आगे इस योजना का पूरे राज्य में क्रमश: विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंशिक शराबबंदी के तहत प्रथम चरण में दो हजार तक आबादी वाले गांवों में 239 शराब दुकानें पूर्ण रूप से बंद कर दी गयी है। इसकी प्रतिक्रिया और सफलता के आधार पर आगे हम इस अपनी नीति का विस्तार करेंगे। 

  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सभी शराब दुकानों को एक साथ बंद करने में व्यवहारिक दिक्कतें आएंगी। इसलिए चरणबध्द तरीके से उन्हें बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के साइड इफेक्ट के रूप में अक्सर अवैध और जहरीली शराब के प्रकरण भी देश के कई राज्यों में सामने आते रहे हैं। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ प्रदेश में शराबबंदी लागू करने की ओर कदम बढ़ाया है। शराब की तस्करी रोकने और सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी पर अंकुश लगाने के लिए भी कठोर कदम उठाए गए हैं। इस कार्य में जनता और जन-प्रतिनिधियों, समाजसेवी संगठनों और महिला संगठनों का भी सहयोग लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने डॉ. रामचन्द्र सिंहदेव के अध्यक्षीय उदबोधन पर अपनी सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तव में तमिलनाडु में तो अकेले शराब से ही लगभग दस हजार करोड़ रूपए का आबकारी राजस्व वहां की सरकार को मिलता है। इसी तरह कई अन्य राज्यों में वहां के राजस्व का काफी बड़ा हिस्सा आबकारी से ही आता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब के राजस्व का नुकसान सहकर भी राज्य में नशाबंदी लागू करने की मानसिकता बनाकर इसका संकल्प भी लिया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाकर ही हम एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं। शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर कम करने, कैंसर, एड्स आदि गंभीर बीमारियों से लोगों के जीवन की रक्षा करने और एक स्वस्थ सामाजिक वातावरण निर्माण में शराबबंदी की अहम भूमिका होगी।
  
वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व वित्त एवं आबकारी मंत्री डॉ. रामचंद्र सिंहदेव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नशामुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक अच्छी शुरूआत की है। डॉ. सिंहदेव ने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। डॉ. सिंहदेव ने कहा कि शराब मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जितना पैसा लोग शराब पीने में खर्च करते है, उससे दस गुना ज्यादा रूपया उन्हें शराबजनित बीमारियों के इलाज में खर्च करना पड़ता है।   डॉ. सिंहदेव ने कहा कि नाजायज शराब का कारोबार हर हालत में बंद हो जाना चाहिए। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को संकल्प लेकर आगे आना होगा। समारोह को छत्तीसगढ़ राज्य बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री देवजी भाई पटेल ने भी संबोधित किया। श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नशामुक्त भारत निर्माण के संकल्प और सपने को साकर करने के लिए छत्तीसगढ़ ने एक नई शुरूआत की है। श्री पटेल ने कहा कि सम्पूर्ण शराबबंदी में समय जरूर लगेगा लेकिन सबके सहयोग से हम यह लक्ष्य प्राप्त करेंगे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूर्व लोकसभा सांसद श्री केयूर भूषण ने भी समारोह को संबोधित किया और मुख्यमंत्री को शराबबंदी के लिए घोषित कार्य-योजना पर बधाई दी।
  
वाणिज्यिक - कर विभाग के सचिव और आयुक्त श्री गणेश शंकर मिश्रा ने प्रदेश सरकार की नवीन आबकारी नीति के विभिन्न बिन्दुओं पर उनके विभाग द्वारा किए जा रहे क्रियान्वयन की जानकारी दी। श्री मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देश और स्पष्ट मार्गदर्शन पर त्वरित अमल करते हुए विभाग ने इस वित्तीय वर्ष के प्रारंभ होते ही यानी एक अप्रैल 2011 से राज्य में दो हजार तक आबादी वाले गांवों में देशी-विदेशी शराब की दुकानों को बंद करवा दिया। वाणिज्यिक कर विभाग ने प्रदेश के सभी 18 जिलों में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को साथ लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों तथा राज्य राजमार्गों के दोनों किनारों पर लगभग सैकड़ों ढाबों में अवैध मदिरा के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया। अवैध शराब बेचने वाले कोचियों के नेटवर्क को तोड़कर उन पर भी कठोरता से अंकुश लगाया गया। सड़कों के किनारे खुले आम शराबखोरी करने वालों के खिलाफ भी तत्परता से कार्रवाई की गई। हमारा यह अभियान आज भी जारी है। सभी जिलों में इसके लिए चौबिसों घंटे चलने वाले नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए गए हैं।dainik bhaskar

शनिवार, 29 जनवरी 2011

शराब दुकानों को बंद करने का फैसला स्वागत योग्य : श्री अशोक बजाज

रायपुर, 29 जनवरी 2011

     छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा नशा मुक्त छत्तीसगढ़ निर्माण के लिए पहले कदम के रूप में दो हजार से कम जनसंख्या वाले गांवों में शराब की 250 दुकानों को बंद करने के निर्णय का स्वागत किया है। श्री बजाज ने इस महत्वपूर्ण फैसले के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी है और कहा है कि उनके इस निर्णय से राज्य को 'स्वस्थ और समृध्द छत्तीसगढ़' के रूप में विकसित करने का मार्ग आसान हो जाएगा। श्री बजाज ने यह भी कहा कि रमन सरकार का यह निर्णय राज्य और समाज को नशे की गिरफ्त से बचाने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि नशे की सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाने की राज्य सरकार की मंशा को सफल बनाने के लिए प्रदेशवासियों को भी आगे आना होगा। श्री बजाज ने रायपुर जिले में 'नशा हे खराब-झन पिहू शराब' के अपने लोकप्रिय नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि इस नारे के साथ जिले में शराब के खिलाफ जन-जागरण का उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।