बुधवार, 26 अक्टूबर 2011
गुरुवार, 13 अक्टूबर 2011
गुरुवार, 29 सितंबर 2011
हर कीमत पर करूंगा संविधान की रक्षा : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण विचारों पर केन्द्रित पुस्तक का विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि संगठन और आम
जनता के सहयोग और समर्थन से निर्वाचित होकर मैने जिस भारतीय संविधान की
रक्षा की शपथ ली है, उसे हर कीमत पर और हर हालत में हमेशा निभाता रहूंगा।
उन्होंने कहा कि देश के संविधान के खिलाफ काम करने वाली ताकतों से मै कभी
हाथ नहीं मिला सकता। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि नक्सल मुद्दे पर वर्ष 2003
से आज तक मै और मेरी सरकार हमेशा कायम है और आगे भी नक्सल हिंसा के खिलाफ
राज्य सरकार की नीतियों में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस
मुद्दे पर और राज्य में गांव, गरीब तथा किसानों सहित समाज के सभी कमजोर
वर्गो की बेहतरी के लिए जनभावनाओं पर आधारित छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों में
आगे भी कोई परिवर्तन नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने आज रात यहां आयोजित समारोह में इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने समारोह में श्री सुरेश तिवारी द्वारा संकलित और सम्पादित पुस्तक का विमोचन किया जिसमें श्री तिवारी ने डॉ. रमन सिंह के विगत सात वर्षो के कार्यकाल के विभिन्न प्रसंगों, विभिन्न अवसरों और विभिन्न कार्यक्रमों में व्यक्त उनके महत्वपूर्ण विचारों को संग्रहित कर पुस्तक स्वरूप में प्रस्तुत किया है। पुस्तक में श्री तिवारी द्वारा समय-समय पर मुख्यमंत्री से लिए गए कुछ प्रमुख साक्षात्कार भी शामिल किए गए हैं। मुख्यमंत्री के कार्यकाल की विभिन्न उपलब्धियों के बारे में प्रबुध्दजनों द्वारा व्यक्त विचारों और लिखे गए आलेखों का समावेश भी श्री तिवारी ने पुस्तक में किया है। डॉ. रमन सिंह ने समारोह में कहा कि वास्तव में किसी भी निर्वाचित मुख्यमंत्री को सरकार की नीतियां बनाते समय मात्र पांच वर्ष के कार्यकाल को नहीं बल्कि राज्य के हित में जनता की अगले कई दशकों तक की जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए। भले ही वह उतने लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहे या न रहे, लेकिन उसकी बनाई नीतियों का दूरगामी फायदा राज्य को मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आज रात यहां आयोजित समारोह में इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने समारोह में श्री सुरेश तिवारी द्वारा संकलित और सम्पादित पुस्तक का विमोचन किया जिसमें श्री तिवारी ने डॉ. रमन सिंह के विगत सात वर्षो के कार्यकाल के विभिन्न प्रसंगों, विभिन्न अवसरों और विभिन्न कार्यक्रमों में व्यक्त उनके महत्वपूर्ण विचारों को संग्रहित कर पुस्तक स्वरूप में प्रस्तुत किया है। पुस्तक में श्री तिवारी द्वारा समय-समय पर मुख्यमंत्री से लिए गए कुछ प्रमुख साक्षात्कार भी शामिल किए गए हैं। मुख्यमंत्री के कार्यकाल की विभिन्न उपलब्धियों के बारे में प्रबुध्दजनों द्वारा व्यक्त विचारों और लिखे गए आलेखों का समावेश भी श्री तिवारी ने पुस्तक में किया है। डॉ. रमन सिंह ने समारोह में कहा कि वास्तव में किसी भी निर्वाचित मुख्यमंत्री को सरकार की नीतियां बनाते समय मात्र पांच वर्ष के कार्यकाल को नहीं बल्कि राज्य के हित में जनता की अगले कई दशकों तक की जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए। भले ही वह उतने लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहे या न रहे, लेकिन उसकी बनाई नीतियों का दूरगामी फायदा राज्य को मिलना चाहिए।
अपने आधार वक्तव्य में श्री रमेश नैय्यर ने कहा कि
डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में गरीबों और समाज के जरूरतमंद तबको
के विकास के लिए जो कुछ भी किया गया और इस दौरान प्रदेश ने जो कुछ भी
किया, वह आज पूरे देश के लिए शोध का विषय बन गया है। श्री नैय्यर ने कहा कि
डॉ. रमन सिंह ने राजनीति को जन सेवा का माध्यम बनाया है। छत्तीसगढ़ उनके
नेतृत्व में खुशहाली के रास्ते पर चल पढ़ा है। गरीबों को भूख से मुक्ति मिली
है। हर खेत को पानी और हर हाथ को काम मिल रहा है। प्रदेशवासियों को आगे भी
उनसे कई अपेक्षाएं है। श्री श्याम बैस ने कहा कि डॉ. रमन सिंह अपने
विचारों के जरिए राज्य में सुशासन की परिकल्पना को साकार कर रहे हैं। श्री
श्याम बैस ने कहा कि श्री सुरेश तिवारी ने पुस्तक में मुख्यमंत्री के
विचारों को एक कुशल संग्रहणकर्ता के रूप में बेहतर ढंग से प्रस्तुत किया
है। समारोह में श्री सुरेश तिवारी ने पुस्तक की विषय वस्तु के बारे में
बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य ब्रेवरेज कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्री
देवजी भाई पटेल और विधायक श्री राजू सिंह क्षत्री भी उपस्थित थे।
रविवार, 25 सितंबर 2011
देश की आत्मा ही उसकी मूल संस्कृति है
पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर पर विशेष लेख
पं.दीनदयाल
उपाध्याय एक महान राष्ट्र चिन्तक एवं एकात्ममानव दर्शन के प्रणेता थे.
उन्होनें मानव के शरीर को आधार बना कर राष्ट्र के समग्र विकास की परिकल्पना
की. उन्होनें कहा कि मानव के चार प्रत्यय है पहला मानव का शरीर , दूसरा
मानव का मन , तीसरा मानव की बुद्धि और चौथा मानव की आत्मा. ये चारोँ पुष्ट
होंगें तभी मानव का समग्र विकास माना जायेगा. इनमें से किसी एक में थोड़ी भी गड़बड़ है तो ..... Read More
पं. दीनदयाल जयंती के कार्यक्रम की झलकियाँ ----
शनिवार, 27 अगस्त 2011
मैनपुर की जनता ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार माना
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मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज रात यहां उनके निवास पर राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज के नेतृत्व में मैनपुर क्षेत्र से आये ग्रामीणों के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधि मण्डल ने गरियाबंद को नया जिला बनाने की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। प्रतिनिधि मण्डल में सर्वश्री योगेश शर्मा और जिला पंचायत सदस्य श्री अमृत लाल नागेश ,रामस्वरुप साहू, कन्हैयालाल साहू, रामसुंदर साहू, दिलीप साहू, राजेन्द्र तिवारी, शेख हसन खान, वली मोहम्मद , बलिहार और दुलार सिन्हा आदि शामिल थे।
गुरुवार, 25 अगस्त 2011
नशामुक्ति की दिशा में महिलाओं में जबरदस्त उत्साह
प्रदेश को नशामुक्त करने के लिए महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है . भारत माता वाहिनी गठन के पश्चात् महिलाएं इस दिशा में काफी सक्रीय होती जा रही है . ग्राम भोथीडीह की महिलाओं ने स्व-स्फूर्त भारत माता वाहिनी का गठन कर जन-जागरण का काम शुरू कर दिया है . गाँव में पू.मा.शाला के शुभारंभ तथा प्रस्तावित नए भवन के भूमिपूजन के अवसर पर भारी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं तथा राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष अशोक बजाज को नशामुक्ति के बारे में बोलने का आग्रह किया . उन्होंने जगह जगह " नशा हे ख़राब : झन पीहू शराब " के पोस्टर भी लगाये थे . इस अवसर पर श्री बजाज ने कहा कि महिलाओं ,जवानों एवं ग्रामवासियों के सहयोग से ही गाँव नशामुक्त हो सकता है . उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डा. रमण सिंह ने इस पुनीत कार्य की जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपी है अतः महिलाएं स्वयं आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं .
| सरपंच डा. संध्या तिवारी के नेतृत्व में भोथीडीह की महिलाएं अशोक बजाज की अगवानी करती हुईं . |
| " नशा हे ख़राब : झन पीहू शराब " का बैनर |
| महिलाओं को संबोधित करते हुए अशोक बजाज |
| मंच का दृश्य |
| मंच का दृश्य |
सोमवार, 22 अगस्त 2011
पारागांव में नशामुक्ति के लिए चौपाल
समाचार/प्रेस/अभनपुर/नशामुक्ति/ 22 अगस्त 2011
महिलायें मुख्यमंत्री के विश्वास में खरा उतरें
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| चौपाल |
रायपुर / राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष अशोक बजाज ने नशामुक्ति के लिए ग्राम पारागांव में चौपाल लगाकर महिलायों को इस सामाजिक बुराई के खिलाफ सतत संघर्ष करने की अपील की . उन्होंने कहा कि नशापान से व्यक्ति का शारीरिक,मानसिक एवं आर्थिक पतन होता है . नशाखोर व्यक्ति ना केवल स्वयं का बल्कि पूरे समाज को बर्बाद करता है . श्री बजाज ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नशामुक्ति की दिशा में उठाये गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि केवल सरकार के प्रयास से ही इस बुराई को समाप्त नहीं किया जा सकता बल्कि इसके लिए सबको सामने आना पड़ेगा . माननीय मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने इस महान पुनीत कार्य के लिए महिलाओं पर भरोसा करके गाँव-गाँव में भारत माता वाहिनी बनाने का फैसला किया है , अब महिलाओं की जिम्मेदारी है कि वे मुख्यमंत्री के विश्वास में खरा उतरे . उपस्थित जनसमुदाय को युधिष्ठिर चंद्राकर एवं साधना सौरज ने भी संबोधित किया . इस अवसर पर पूर्व सरपंच दुर्गाप्रसाद गौतम , शिवराम देवांगन , तिलकराम देवांगन सहित अनेक लोंगों से जीवन भर नशापान ना करने तथा अन्य लोंगों को भी इस बुराई से दूर रहने हेतु प्रयास करने का संकल्प लिया . कार्यक्रम में जनपद सदस्य सोहन देवांगन , मनमोहन अग्रवाल , अकरम खां , राजेन्द्र देवांगन , उमेंद बांसवार ,कौशल बांसवार , शांति बाई देवांगन , मनीषा साकुरे , अवध देवांगन , कृष्णा देवांगन, अर्जुन बांसवार , मांगतीन यादव , बगस राम साहू , गीता निषाद मीना देवांगन , कमला देवांगन , सरस्वती साहू , राधा वर्मा , मायावती यादव , सहित भारी संख्या में ग्रामवासी उपस्तिथ थे .
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| पारागांव में नशामुक्ति अभियान के कार्यक्रम में संबोधन |
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| नशामुक्ति अभियान में जुटी महिलाएं |
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