नशा हे ख़राब : झन पीहू शराब


"न्यूज ब्लॉग में आपका स्वागत है" ..... जल है तो कल है "....." नशा हे ख़राब : झन पीहू शराब " ..... - अशोक बजाज
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सोमवार, 2 जनवरी 2012

नये वर्ष में भण्डार गृह निगम की क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य : श्री अशोक बजाज


 निगम के मुख्यालय भवन का निर्माण भी जल्द शुरू होगा
नव वर्ष मिलन समारोह आयोजित
(समाचार) 

छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के मुख्यालय में आज यहां नववर्ष मिलन समारोह का आयोजन किया गया। निगम अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने इस अवसर पर निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को नये वर्ष 2012 के आगमन पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। श्री बजाज ने उन्हेंसम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सहयोग तथा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत से हाल के वर्षों में निगम द्वारा अपनी भण्डारण क्षमता में उत्साह जनक वृध्दि हो रही है। निगम का प्रधान कार्यालय वर्तमान में किराए के भवन में चल रहा है। अब राज्य भण्डार गृह निगम द्वारा स्वयं के मुख्यालय भवन का निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा। इसका निर्माण नये वर्ष 2012 के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य होगा। श्री बजाज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा प्रदेश के किसानों के अनाजों के सुरक्षित भण्डारण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निगम को सौंपी गई है। नये वर्ष में निगम द्वारा अपनी भण्डारण क्षमता को बढ़ाकर दोगुना करते हुए देश में एक मिसाल कायम करने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को हम सब को मिलकर पूरा करना है। उन्होंने कहा कि निगम के 108 केन्द्रों में वर्तमान 471 गोदामों की भण्डारण क्षमता लगभग चार लाख 91 हजार मीटरिक टन है। इस नये कैलेण्डर वर्ष 2012 में निगम ने अपनी भण्डारण क्षमता और भी अधिक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए करीब 150 नए गोदामों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इनकी कुल भण्डारण क्षमता लगभग तीन लाख मीटरिक टन होगी। इनमें से अनेक गोदामों का निर्माण प्रारंभ हो गया है, जबकि कई गोदामों के लिए टेण्डर की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। विगत एक वर्ष में निगम ने 91 गोदामों का निर्माण किया है, जिनकी कुल भण्डारण क्षमता लगभग एक लाख 64 हजार मीटरिक टन है। इन्हें मिलाकर अब निगम के गोदामों की संख्या 471 तक पहुंच गई है। इनकी कुल क्षमता लगभग छह लाख मीटरिक टन से अधिक हो गई है। नये 150 गोदामों का निर्माण होने के बाद हम लगभग साढ़े नौ लाख मीटरिक टन से भी अधिक की भण्डारण क्षमता हासिल कर लेंगे। श्री बजाज ने निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा शर्तों से जुड़ी समस्याओं जैसे - नियमितीकरण, पदोन्नति, नियुक्ति आदि के प्रकरणों में विसंगतियों को जल्द से जल्द दूर करने का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से नये वर्ष में दोगुने उत्साह के साथ काम करने और अपनी कार्यशैली में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी। श्री बजाज ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के परिवारों के लिए भी खुशहाली की कामना की।

रविवार, 1 जनवरी 2012

गुदड़ी के लाल

 मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नेत्रहीन गायक कलाकारों को दिया आशीर्वाद : रेडियो श्रोताओं ने मुख्यमंत्री को दी 
नये वर्ष की बधाई
 
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के दो नेत्रहीन गायक कलाकारों द्वारा अपनी नेत्रहीनता की कठिन चुनौती के बावजूद संगीत के क्षेत्र में लगातार अर्जित की जा रही कामयाबी पर उन्हें आशीर्वाद सहित शुभकामनाएं दी है। इनमें से राजधानी रायपुर निवासी श्री कांति लाल बरलोटा ने राज्य के इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से गायन और दर्शन शास्त्र में एम.ए. की डिग्री हासिल की है, जबकि खैरागढ़ की सुश्री कविता देशमुख इन दिनों इसी विश्वविद्यालय में गायन में एम.ए. कर रही हैं।  मुख्यमंत्री को नए वर्ष 2012 की बधाई देने छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज के नेतृत्व में आज शाम यहां उनके निवास पर आए छत्तीसगढ़ रेडियो स्रोता संघ के प्रतिनिधि मंडल में ये दोनों नेत्रहीन कलाकार भी शामिल थे। डॉ. सिंह ने सभी लोगों के लिए नये वर्ष पर सुख-समृध्दि की कामना की। डॉ. रमन सिंह ने दोनों प्रतिभावान कलाकारों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि  नेत्रहीन होने के बावजूद संगीत के क्षेत्र में उनकी गहरी दिलचस्पी सभी लोगों के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी कामयाबी यह साबित करती है कि अगर मनोबल ऊंचा हो तो कोई भी मंजिल कठिन नहीं होती। मुख्यमंत्री को इस अवसर पर सभी रेडियो श्रोताओं ने आज से प्रारंभ नए कैलेण्डर वर्ष 2012 के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। श्री अशोक बजाज ने मुख्यमंत्री से रेडियो श्रोताओं का परिचय कराया। इनमें रायपुर के श्री शांतनु भट्टाचार्य ने इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से गायन में प्रथम श्रेणी में एम.ए. किया है। वहीं राजनांदगांव के बाल कलाकार आदित्य कोठारी ने छत्तीसगढ़ी गीतों के एक वीडियो एलबम्ब 'का मया-का पीरित रे' में भी अपनी भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री से मिलने आए रेडियो श्रोताओं ने रायपुर के श्री मोहन लाल देवांगन भी थे, जो आज भी दिन में 17 घंटों तक नियमित रूप से रेडियो विशेष रूप से आकाशवाणी के कार्यक्रम सुनते हैं। प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ रेडियो श्रोता संघ के सचिव श्री विनोद वंडलकर सहित सर्वश्री परसराम साहू, कमल लखानी, वैभव गोलछा तथा जगदीश राठौर भी शामिल थे।
DPR

शनिवार, 31 दिसंबर 2011

मित्रों का अनुराग और पानी की बौछार

आख़िरकार वर्ष 2011 बीत गया और वर्ष 2012 आ गया .आईये हम सब मिलकर बीते वर्ष की बिदाई करें तथा नए वर्ष 2012 का स्वागत करें .हालाँकि सब कुछ वही है केवल समय चक्र बदल रहा है .  वर्ष 2011 के अंतिम दिन मौसम ने अंगड़ाई ली और असमान से बौछारें पड़ने लगी है . ऐसा लग रहा है मानों बारिस की बूंदें भी नए वर्ष का स्वागत कर रही हो. शाम से लगातार बारिस हो रही है और अभी तक यानी रात के 11.50 बजे तक जब मई यह पोस्ट लिख रहा हूँ बारिस थमने का नाम नहीं ले रही है .थर्टी फर्स्ट मनाने वाले को निश्चित रूप से परेशानी हो रही होगी .  कुछ लोग टी.वही.से चिपके होंगे . मोबाईल,फेसबुक, ब्लाग और ई-मेल में बधाइयों की बरसात हो रही है . एक बधाई सन्देश पढ़ नहीं पाते कि दूसरा सन्देश आ जाता है. समय पर हम अपना बधाई सन्देश भेज नहीं पा रहे है . इस पोस्ट के माध्यम से आप सबको बधाई सन्देश भेजने का प्रयास कर रहा हूँ ,कृपया इस सन्देश के साथ मेरा बधाई सन्देश स्वीकार करे .    



आप सबको नव-वर्ष 2012 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011

डा. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ महतारी को नौलखा पहनाया


छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में 1 जनवरी 2012  से 9 नए जिलों के निर्माण की अधिसूचना जारी हो गई है . राज्य में अब जिलों की संख्या 18 से बढ़ कर 27 हो गई है . कभी यहाँ सिर्फ 7 जिले हुआ करते थे -- रायपुर,दुर्ग ,राजनांदगांव,बस्तर ,बिलासपुर, रायगढ एवं  सरगुजा . तब यह अविभाजित मध्यप्रदेश का हिस्सा था . 6 जुलाई 1998 को मध्यप्रदेश में 16 नए जिले बनाये गए जिसमें से 9 इस अंचल के थे . ये है  धमतरी,महासमुंद,कवर्धा, कांकेर,दंतेवाडा , कोरबा , जांजगीर-चांपा,जशपुर और कोरिया . छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय कुल 16 जिले थे .  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वर्ष 2007 में दो नये जिलों- बीजापुर और नारायणपुर का गठन किया था, जबकि इस वर्ष 2011 में उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नौ नये जिलों के निर्माण की घोषणा की है जिनमें बेमेतरा, बलौदाबाजार, बालोद, बलरामपुर, गरियाबंद, मुंगेली, सूरजपुर, कोण्डागांव और सुकमा शामिल हैं, जो उनकी घोषणा के अनुरूप ये जिले जनवरी 2012 से अस्तित्व में आ गए और प्रदेश में जिलों की संख्या 18 से बढ़कर 27 होगई है  .            

जहाँ तक रायपुर जिले का सवाल है लगभग 14 वर्षों बाद इस जिले का पुनः विभाजन हुआ है . 24 विकासखंडों एवं 20 विधानसभा क्षेत्रों में फैले इस जिले की गिनती कभी देश के वृहत जिलों में होती थी . 6 जुलाई 1998 को इस जिले को विभाजित कर  धमतरी एवं महासमुंद जिले का निर्माण किया गया . चार विकासखंडों--धमतरी,नगरी,कुरूद एवं मगरलोड को धमतरी जिले में  तथा पांच विकासखंडों- महासमुंद,बागबहरा,पिथौरा,बसना एवं सरायपाली को महासमुंद जिले में शामिल किया गया .जिले के तीन टुकड़े होने के बावजूद भी पंद्रह विकासखंड अभनपुर,धरसीवां,तिल्दा,सिमगा,भाटापारा,बलौदाबाजार,पलारी,कसडोल,बिलाईगढ़,आरंग,फिंगेश्वर,छुरा,गरियाबंद,मैनपुर एवं देवभोग इस जिले में रह गए थे.
रायपुर जिले का नया आकार
 
  नए विभाजन में रायपुर जिले को पुनः तीन भागों में विभाजित किया गया है. जिले के पंद्रह विकास खण्डों में से  बलौदाबाजार ,  भाटापारा , सिमगा , पलारी , कसडोल एवं  बिलाईगढ़ को मिलाकर बलौदाबाजार तथा फिंगेश्वर,छुरा,गरियाबंद,मैनपुर एवं देवभोग को मिलाकर गरियाबंद जिले का निर्माण किया गया है .अब रायपुर जिले  में मात्र चार विकास खंड अभनपुर , आरंग ,धरसीवां एवं तिल्दा  ही शेष रह गए है . हालाँकि इसमें रायपुर शहर भी शामिल है जो धरसीवां विकासखंड का हिस्सा है . अब इस जिले का आकार काफी छोटा हो गया है . पहले कहाँ 24 विकासखंड और अब दूसरे विभाजन के बाद मात्र 4 विकासखंड रह गए है . जिलों के नए रेखांकन के बाद अब पुराना रायपुर जिला पांच भागों रायपुर,धमतरी,महासमुंद,बलौदाबाजार एवं गरियाबंद में विभाजित हो गया है . कभी ये पांच तहसील हुआ करते थे अब पांचों तहसील जिले का आकर ले चुके है  .

अभी देवभोग ब्लाक के तेल नदी के आगे के ग्रामीणों को लगभग 250 की.मी. की दूरी तय कर जिला मुख्यालय रायपुर आना पड़ता था अब उन्हें गरियाबंद आने के लिए मात्र  150 - 160 की.मी. की दूरी तय करनी पड़ेगी . इसी प्रकार बिलाईगढ़ ब्लाक के लोगों को बलौदाबाजार आने के लिए अधिकतम  125 की.मी. की दूरी तय करनी पड़ेगी . 
इससे आम लोगों को काफी राहत मिलेगी ,वे आसानी से जिला मुख्यालय तक पहुँच सकेंगें .  
     
राज्य बनाने के बाद रायपुर जिले का विभाजन  प्रशासनिक दृष्टि से काफी लाजिमी हो गया था . राजधानी होने के कारण प्रशासनिक अमले का सारा ध्यान रायपुर में ही लगा रहता है , सुदूर के क्षेत्रों में प्रशासन की पकड़ मजबूत बनाने के लिए डा. रमन सरकार ने बेहतर निर्णय लिया है . नए जिलों के निर्माण से एक ओर जहाँ आम लोगों की अड़चने दूर होंगीं तो दूसरी ओर  सरकार को
अपने विकास के दृष्टिकोण को अमलीजामा पहनाने में सुविधा होगी. सरकार की इस उपलब्धि को कई पीढ़ी तक याद किया जायेगा . मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने 9 नए जिलों का निर्माण कर  छत्तीसगढ़ महतारी को सबसे महंगे आभूषण नौलखा से विभूषित किया है .  

सोमवार, 26 दिसंबर 2011

छत्तीसगढ़ के प्रयाग में " राजिम कुंभ 2012 " की तैयारी आज से प्रारंभ



महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के पवित्र संगम पर छत्तीसगढ़ के प्रसिध्द तीर्थ राजिम के परम्परागत माघ पूर्णिमा के वार्षिक मेले की तैयारी शुरू हो गई है। इस सिलसिले में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा रायपुर जिले के प्रभारी श्री पुन्नूलाल मोहले ने आज शाम राजिम में केन्द्रीय समिति की बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने राज्य शासन द्वारा जनसहयोग से 'राजिम कुंभ' के रूप में आयोजित किए जाने वाले इस वार्षिक मेले से संबंधित तैयारियों के बारे में अधिकारियों ओर जनप्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया। राजिम कुंभ का यह सातवां वर्ष होगा।

       विशेष रूप से बनाए गए पंडाल में श्री मोहले की अध्यक्षता में आयोजित केन्द्रीय समिति की आज की तैयारी बैठक में बताया गया कि इस बार राजिम कुंभ का आयोजन 07 फरवरी 2012 से शुरू होगा और महाशिवरात्रि पर 20 फरवरी 2012 को इसका समापन होगा। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित आज की बैठक में कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, महासमुन्द्र के लोकसभा सांसद श्री चन्दूलाल साहू, राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार राय, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, अध्यक्ष नगर पंचायत राजिम श्रीमती अंजना महाडिक और राजिम कुंभ मेला समिति के अध्यक्ष श्री युधिष्ठिर चन्द्राकर सहित पर्यटन विभाग के सचिव श्री मनोहर पाण्डेय, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक श्री नरेन्द्र शुक्ला, इतिहासकार और बख्शी सृजनपीठ के अध्यक्ष श्री रमेन्द्र नाथ मिश्र भी उपस्थित थे। इनके अलावा सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय एवं स्थानीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन ंसिंह के नेतृत्व में राजिम के इस प्रसिध्द मेले को राजिम कुंभ के रूप में देश-विदेश में अच्छी पहचान मिली है। विगत वर्षों में इसका आयोजन बहुत ही बेहतर ढंग से हुआ है।


        श्री मोहले ने उम्मीद जतायी कि इस बार भी राजिम कुंभ के सभी कार्यक्रम सुचारू रूप से आयोजित और संचालित होंगे। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को राजिम कुंभ में आने वाले साधु-संतों और लाखों श्रध्दालुओं की सुविधा के लिए बिजली, पानी, प्राथमिक चिकित्सा, अग्नि सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, दाल-भात केन्द्रों की व्यवस्था, नगर एवं मेला स्थल की नियमित साफ-सफाई सहित सभी बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने कहा कि मेले में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों और कला मण्डलियों को भी मुख्य मंच पर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ  सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का मौका दिया जाना चाहिए। प्रभारी मंत्री ने इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

गुरुवार, 15 दिसंबर 2011

"मेरे दिल की बात" का विमोचन

( फेसबुक से साभार )
स्वराज्य करुण जी के काव्य संग्रह "मेरे दिल की बात" का विमोचन आज सभी ब्लागर मित्रों की उपस्थिति में भाई अशोक बजाज जी ने किया। स्वराज्य करुण जी को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई।

· · · 9 minutes ago ·


  • Deepak Sharma and 5 others like this.

    • Meenakshee Swami बहुत बहुत बधाई।
      7 minutes ago · · 1

    • Asha Asha Pandey badhai
      5 minutes ago ·

    • Rashmi Ravija बहुत बहुत बधाईएवं शुभकामनाएं !!
      4 minutes ago ·

    • Sangita Puri बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं !!
      2 minutes ago ·

मंगलवार, 13 दिसंबर 2011

खारुन नदी में एनीकट कम काजवे का निर्माण


खारुन नदी पर आमदी - रवेली गाँव के पास 3.22 करोड़ रु. की लागत से एनीकट कम काजवे का निर्माण कार्य शुरू .इससे रायपुर व दुर्ग के कई गाँव लाभान्वित होंगे .