नशा हे ख़राब : झन पीहू शराब


"न्यूज ब्लॉग में आपका स्वागत है" ..... जल है तो कल है "....." नशा हे ख़राब : झन पीहू शराब " ..... - अशोक बजाज
HTML codes

बुधवार, 8 फ़रवरी 2012

राजिम कुंभ मेला- 2012 : अध्यात्म, कला और संस्कृति का कुंभ शुरू



मंच में स्थापित भगवान राजीवलोचन की मूर्ति
छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के रूप में प्रसिध्द तीर्थ स्थल राजिम के त्रिवेणी संगम पर कल माघ पूर्णिमा से अध्यात्म, कला एवं संस्कृति के समागम का राजिम कुंभ शुरू हो गया। राजिम कुंभ मेला महाशिवरात्रि तक चलेगा। महामण्डलेश्वर अग्नि पीठाधीश्वर श्री रामकृष्णानंद जी महाराज अमरकंटक और अन्य साधु-संतों के पावन सानिध्य में  महानदी, पैरी और सोंढूर नदी के संगम पर गंगा आरती के बाद भगवान राजीव लोचन की पूजा-अर्चना के साथ कुंभ की शुरूआत हुई। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि की आसंदी से अपने उद्बोधन में कहा कि वर्ष 2005 से शुरू हुए राजिम कुंभ की शोभा हर वर्ष निखरती जा रही है। आस्था और विश्वास की आध्यात्मिक भूमि राजिम में कुंभ मेले के दौरान भक्ति भाव की अविरल धारा बहती है। राजिम की पावन भूमि आस्था और विश्वास का प्रमुख केन्द्र बन गया है, जिसके माध्यम से देश- विदेश में छत्तीसगढ़ की पहचान बनी है। समारोह की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल तथा  आभार  प्रदर्शन राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने की ।

मंच में साधु संत एवं जनप्रतिनिधि गण

     विधानसभा अध्यक्ष श्री कौशिक ने कहा कि राज्य बनने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों से छत्तीसगढ़ के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक और पौराणिक महत्व के स्थानों की ख्याति पूरे देश में फैली है। श्री कौशिक ने कहा कि माघ पूर्णिमा के साथ छत्तीसगढ़ के अनेक पवित्र धार्मिक एवं पुरातात्विक स्थलों में मेलों और महोत्सवों की श्रृंखला शुरू हो जाती है। इन आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति को देखने-समझने का अवसर  मिलता है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ से देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ की एक अलग पहचान बने, यही हमारा प्रयास है। भगवान राजीव लोचन की असीम कृपा से राजिम कुंभ की प्रतिष्ठा हर साल बढ़ती जा रही है। इस आयोजन में श्रध्दालुजनों को साधु-संतों का अमृत रूपी प्रवचन सुनने को मिलता है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ी संस्कृति के विविध रंगों की झलक भी यहां दिखाई देती है। कृषि मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू ने राजिम की पावन भूमि को मुक्ति देने वाली भूमि बताते हुए कहा कि यह ऋषियों-मुनियों की तपो स्थली है। यहां साहित्य, अध्यात्म और संस्कृति की गंगा बहती है। खाद्य मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि छत्तीसगढ़ अनेक धर्मों और सम्प्रदायों की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। इसीलिए यहां के निवासियों के दिलों में दया, क्षमा और स्नेह की भावना अधिक होती है। लोकसभा सांसद श्री चंदूलाल साहू ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।
आभार प्रदर्शन


     महामण्डलेश्वर अग्नि पीठाधीश्वर श्री रामकृष्णानंद जी महाराज, स्वामी प्रज्ञानंद और संत कवि पवन दीवान सहित अन्य साधु-संतों ने भी अपने आशीर्वचन दिए। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री युध्दवीर सिंह जूदेव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्णकुमार राय, छत्तीसगढ़ पाठय पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा, छत्तीसगढ़ भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, श्री रामप्रताप सिंह सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रध्दालुजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रविवार, 5 फ़रवरी 2012

राजिम कुंभ मेला-2012 की तैयारियां जोरो पर

मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 300 बन्दूकधारी जवान होंगे तैनात
पिछले वर्षो की तुलना में इस वर्ष की गयी अधिक तैयारियां
पेयजल, सुरक्षा, चिकित्सा और साफ-सफाई के लिए विशेष प्रबंध

विश्राम गृह राजिम में व्यवस्था संबंधी अधिकारीयों की बैठक
छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के रूप में प्रसिध्द तीर्थ नगरी राजिम के त्रिवेणी संगम पर 07 फरवरी से राजिम कुम्भ मेला-2012 शुरू हो रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कल 4 फरवरी की देर रात्रि तक पूरे मेला स्थल के अलावा नवापारा और राजिम में मेले के लिए की गयी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। श्री अग्रवाल ने इसके बाद राजिम के विश्राम गृह में मेले से जुड़े रायपुर, धमतरी और गरियाबंद जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर पूरी व्यवस्था की समीक्षा की। पर्यटन मंत्री ने लोमश ऋषि के पास संत आश्रम पहुंचकर कल्पवासियों से मुलाकात की।  इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री चन्दूलाल साहू, छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, स्थानीय जनप्रतिनिधि,गणमान्य नागरिक, धमतरी जिले के कलेक्टर श्री एस. प्रकाश, गरियाबंद जिले के कलेक्टर श्री दिलीप वासनीकर, संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व श्री एन.के. शुक्ला, मेला अधिकारी श्री रमेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने 4 फरवरी
की देर रात्रि  पूरे मेला स्थल में घूम कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया.

    पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने सबसे पहले नयापारा से बेलाहीघाट होते हुए चौबे बांधा पुल और राजिम नगर में राजिम कुंभ मेले के संबंध में की गयी तैयारियों का अवलोकन किया। उन्होंने कुलेश्वर मंदिर, लोमस ऋषि आश्रम, सन्त समागम स्थल, राजीव लोचन महोत्सव के लिए बनाए गए मुक्ताकाशी मंच पर की गयी व्यवस्थाओं को देखा और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। बैठक में लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, विद्युत विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, खाद्य विभाग और नगरीय निकायों द्वारा मेले के लिए किए गए जरूरी प्रबंधों के बारे में बताया। श्री अग्रवाल ने बैठक में कहा कि इस वर्ष अधिक व्यापक रूप से सन्त समागम का आयोजन किया जा रहा है। इसीलिए मेले में अधिक संख्या में श्रध्दालु आएंगे। श्री अग्रवाल ने बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, बिजली, सड़क, यातायात, पार्किंग, सफाई व्यवस्था और त्रिवेणी संगम पर श्रध्दालु के पुण्य स्नान के लिए किए गए इंतजामों के बारे में सिलसिलेवार जानकारी ली। उन्होंने पूरे मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, सुरक्षा, पार्किंग और बेरीकेटिंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि इस साल मेले में संत श्री आशाराम बापू का तीन दिवसीय प्रवचन का कार्यक्रम रखा गया है। प्रवचन स्थल पर भी आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक बैठक व्यवस्था होनी चाहिए।
राजिम त्रिवेणी संगम में कल्पवास कर रहे श्रद्धालुओं के पास
माननीय संगठन महामंत्री श्री रामप्रताप जी एवं अन्य मित्रों के साथ .

    पर्यटन मंत्री ने बैठक में अधिकारियों को उनके विभागों द्वारा की गयी व्यवस्थाओं का स्थल निरीक्षण कर जायजा लेने के निर्देश देते हुए कहा कि इन व्यवस्थाओं में यदि किसी प्रकार कमी पायी जाती है, तो मेला शुरू होने से पहले सुधार लिया जाए। उन्होंने सन्त समागम में आने वाले साधुओं के लिए बनायी जा रही साधु कुटियों के संबंध में विशेष रूप से जानकारी लेकर इन कुटियों में बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले की व्यवस्थाओं में लगे तीनों जिलों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ जरूरी सभी तैयारियां करें। श्री अग्रवाल ने मेला स्थल पर रेत में आन्तरिक मार्गो के दोनों किनारे लाईट और रेलिंग लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने राजिम के सबसे पुराने पुल के समानान्तर बने नये पुल के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की और कहा कि मेले के दौरान ही इस पुल के लोकार्पण के लिए तैयारी कर ली जाए। पर्यटन मंत्री ने कहा कि मेले की बेहतर व्यवस्था के लिए स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों का सहयोग और सलाह लिया जाए। DPR

रविवार, 8 जनवरी 2012

गोदामों के शीघ्र निर्माण तथा भण्डारण घाटा कम करने के निर्देश


नये जिलों में नोडल अधिकारी घोषित
( समाचार )
      छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने आज छ0ग0 राज्य भण्डारगृह निगम के नोडल अधिकारियों की एक बैठक ली। श्री बजाज ने स्कंध के भण्डारण एवं परिवहन में होने वाली भण्डारण हानि पर चिन्ता व्यक्त करते हुए भण्डारण हानि को राष्ट्रीय क्षति बताया तथा वैज्ञानिक भण्डारण के दौरान विभिन्न कारणों से अनाज में होने वाली भण्डारण हानि को न्यूनतम स्तर पर लाने के निर्देश दिए। साथ ही श्री बजाज ने इस नव वर्ष 2012 को छ0ग0 राज्य भण्डारगृह निगम के लिए -‘‘भण्डारण हानि घटाओ‘‘ वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा  की । उन्होंने कहा कि न्यू रायपुर में प्रांतीय कार्यालय एवं कर्मचारी आवास बनाने प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि वर्ष 2012 में ही न्यू रायपुर में कार्यालय भवन निर्माण सुनिश्चित करें ।

           बैठक को संबोधित करते हुए निगमाध्यक्ष श्री बजाज ने सभी गोदामों के रखरखाव एवं मरम्मत के निर्देश दिए तथा निर्माणाधीन गोदामों को समयसीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा धर्मकांटों की स्थापना के भी निर्देश दिए।

             बैठक में निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने नव गठित जिलों में निगम के कामकाज में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए नये जिलों के शाखा प्रबंधकों को नोडल अधिकारियों  का प्रभार घोषित किया गया, जिनमें- बालोद-श्री डी.के. शर्मा,   मुंगेली- श्री वीरेन्द्र शर्मा, गरियाबंद - श्री जितेन्द्र भेडि़या, सूरजपूर-बी0आर0 शिव,  बलौदा बाजार- एस0के0 गुप्ता,  बलरामपुर- सी.एस. रांगरे, सुकमा-दीपक मेहता,  कोण्डागांव-वही0के0 निगम, बेमेतरा  -ए0के0 असाटी, नारायणपुर-श्री सतीश सरवैया, बीजापुर-श्री ए0के0 मिश्रा। 


                बैठक में निगम के सचिव श्री एच0पी0 ब्यौहार, प्रबंधक लेखा- श्री रितेश अग्रवाल, प्रबंधक तकनीकी- श्रीमती श्रद्धा अग्रवाल, प्रबंधक वाणिज्य- श्री एम0एल0 माकोड़े, कार्यपालन यंत्री श्री एन0 राजा एवं अन्य विभागीय अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे। बैठक के अंत में श्री बजाज ने सभी उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों को नव-वर्ष की शुभकामनायें व्यक्त की।

सोमवार, 2 जनवरी 2012

नये वर्ष में भण्डार गृह निगम की क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य : श्री अशोक बजाज


 निगम के मुख्यालय भवन का निर्माण भी जल्द शुरू होगा
नव वर्ष मिलन समारोह आयोजित
(समाचार) 

छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के मुख्यालय में आज यहां नववर्ष मिलन समारोह का आयोजन किया गया। निगम अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने इस अवसर पर निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को नये वर्ष 2012 के आगमन पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। श्री बजाज ने उन्हेंसम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सहयोग तथा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत से हाल के वर्षों में निगम द्वारा अपनी भण्डारण क्षमता में उत्साह जनक वृध्दि हो रही है। निगम का प्रधान कार्यालय वर्तमान में किराए के भवन में चल रहा है। अब राज्य भण्डार गृह निगम द्वारा स्वयं के मुख्यालय भवन का निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा। इसका निर्माण नये वर्ष 2012 के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य होगा। श्री बजाज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा प्रदेश के किसानों के अनाजों के सुरक्षित भण्डारण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निगम को सौंपी गई है। नये वर्ष में निगम द्वारा अपनी भण्डारण क्षमता को बढ़ाकर दोगुना करते हुए देश में एक मिसाल कायम करने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को हम सब को मिलकर पूरा करना है। उन्होंने कहा कि निगम के 108 केन्द्रों में वर्तमान 471 गोदामों की भण्डारण क्षमता लगभग चार लाख 91 हजार मीटरिक टन है। इस नये कैलेण्डर वर्ष 2012 में निगम ने अपनी भण्डारण क्षमता और भी अधिक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए करीब 150 नए गोदामों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इनकी कुल भण्डारण क्षमता लगभग तीन लाख मीटरिक टन होगी। इनमें से अनेक गोदामों का निर्माण प्रारंभ हो गया है, जबकि कई गोदामों के लिए टेण्डर की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। विगत एक वर्ष में निगम ने 91 गोदामों का निर्माण किया है, जिनकी कुल भण्डारण क्षमता लगभग एक लाख 64 हजार मीटरिक टन है। इन्हें मिलाकर अब निगम के गोदामों की संख्या 471 तक पहुंच गई है। इनकी कुल क्षमता लगभग छह लाख मीटरिक टन से अधिक हो गई है। नये 150 गोदामों का निर्माण होने के बाद हम लगभग साढ़े नौ लाख मीटरिक टन से भी अधिक की भण्डारण क्षमता हासिल कर लेंगे। श्री बजाज ने निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा शर्तों से जुड़ी समस्याओं जैसे - नियमितीकरण, पदोन्नति, नियुक्ति आदि के प्रकरणों में विसंगतियों को जल्द से जल्द दूर करने का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से नये वर्ष में दोगुने उत्साह के साथ काम करने और अपनी कार्यशैली में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी। श्री बजाज ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के परिवारों के लिए भी खुशहाली की कामना की।

रविवार, 1 जनवरी 2012

गुदड़ी के लाल

 मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नेत्रहीन गायक कलाकारों को दिया आशीर्वाद : रेडियो श्रोताओं ने मुख्यमंत्री को दी 
नये वर्ष की बधाई
 
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के दो नेत्रहीन गायक कलाकारों द्वारा अपनी नेत्रहीनता की कठिन चुनौती के बावजूद संगीत के क्षेत्र में लगातार अर्जित की जा रही कामयाबी पर उन्हें आशीर्वाद सहित शुभकामनाएं दी है। इनमें से राजधानी रायपुर निवासी श्री कांति लाल बरलोटा ने राज्य के इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से गायन और दर्शन शास्त्र में एम.ए. की डिग्री हासिल की है, जबकि खैरागढ़ की सुश्री कविता देशमुख इन दिनों इसी विश्वविद्यालय में गायन में एम.ए. कर रही हैं।  मुख्यमंत्री को नए वर्ष 2012 की बधाई देने छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज के नेतृत्व में आज शाम यहां उनके निवास पर आए छत्तीसगढ़ रेडियो स्रोता संघ के प्रतिनिधि मंडल में ये दोनों नेत्रहीन कलाकार भी शामिल थे। डॉ. सिंह ने सभी लोगों के लिए नये वर्ष पर सुख-समृध्दि की कामना की। डॉ. रमन सिंह ने दोनों प्रतिभावान कलाकारों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि  नेत्रहीन होने के बावजूद संगीत के क्षेत्र में उनकी गहरी दिलचस्पी सभी लोगों के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी कामयाबी यह साबित करती है कि अगर मनोबल ऊंचा हो तो कोई भी मंजिल कठिन नहीं होती। मुख्यमंत्री को इस अवसर पर सभी रेडियो श्रोताओं ने आज से प्रारंभ नए कैलेण्डर वर्ष 2012 के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। श्री अशोक बजाज ने मुख्यमंत्री से रेडियो श्रोताओं का परिचय कराया। इनमें रायपुर के श्री शांतनु भट्टाचार्य ने इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से गायन में प्रथम श्रेणी में एम.ए. किया है। वहीं राजनांदगांव के बाल कलाकार आदित्य कोठारी ने छत्तीसगढ़ी गीतों के एक वीडियो एलबम्ब 'का मया-का पीरित रे' में भी अपनी भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री से मिलने आए रेडियो श्रोताओं ने रायपुर के श्री मोहन लाल देवांगन भी थे, जो आज भी दिन में 17 घंटों तक नियमित रूप से रेडियो विशेष रूप से आकाशवाणी के कार्यक्रम सुनते हैं। प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ रेडियो श्रोता संघ के सचिव श्री विनोद वंडलकर सहित सर्वश्री परसराम साहू, कमल लखानी, वैभव गोलछा तथा जगदीश राठौर भी शामिल थे।
DPR

शनिवार, 31 दिसंबर 2011

मित्रों का अनुराग और पानी की बौछार

आख़िरकार वर्ष 2011 बीत गया और वर्ष 2012 आ गया .आईये हम सब मिलकर बीते वर्ष की बिदाई करें तथा नए वर्ष 2012 का स्वागत करें .हालाँकि सब कुछ वही है केवल समय चक्र बदल रहा है .  वर्ष 2011 के अंतिम दिन मौसम ने अंगड़ाई ली और असमान से बौछारें पड़ने लगी है . ऐसा लग रहा है मानों बारिस की बूंदें भी नए वर्ष का स्वागत कर रही हो. शाम से लगातार बारिस हो रही है और अभी तक यानी रात के 11.50 बजे तक जब मई यह पोस्ट लिख रहा हूँ बारिस थमने का नाम नहीं ले रही है .थर्टी फर्स्ट मनाने वाले को निश्चित रूप से परेशानी हो रही होगी .  कुछ लोग टी.वही.से चिपके होंगे . मोबाईल,फेसबुक, ब्लाग और ई-मेल में बधाइयों की बरसात हो रही है . एक बधाई सन्देश पढ़ नहीं पाते कि दूसरा सन्देश आ जाता है. समय पर हम अपना बधाई सन्देश भेज नहीं पा रहे है . इस पोस्ट के माध्यम से आप सबको बधाई सन्देश भेजने का प्रयास कर रहा हूँ ,कृपया इस सन्देश के साथ मेरा बधाई सन्देश स्वीकार करे .    



आप सबको नव-वर्ष 2012 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011

डा. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ महतारी को नौलखा पहनाया


छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में 1 जनवरी 2012  से 9 नए जिलों के निर्माण की अधिसूचना जारी हो गई है . राज्य में अब जिलों की संख्या 18 से बढ़ कर 27 हो गई है . कभी यहाँ सिर्फ 7 जिले हुआ करते थे -- रायपुर,दुर्ग ,राजनांदगांव,बस्तर ,बिलासपुर, रायगढ एवं  सरगुजा . तब यह अविभाजित मध्यप्रदेश का हिस्सा था . 6 जुलाई 1998 को मध्यप्रदेश में 16 नए जिले बनाये गए जिसमें से 9 इस अंचल के थे . ये है  धमतरी,महासमुंद,कवर्धा, कांकेर,दंतेवाडा , कोरबा , जांजगीर-चांपा,जशपुर और कोरिया . छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय कुल 16 जिले थे .  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वर्ष 2007 में दो नये जिलों- बीजापुर और नारायणपुर का गठन किया था, जबकि इस वर्ष 2011 में उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नौ नये जिलों के निर्माण की घोषणा की है जिनमें बेमेतरा, बलौदाबाजार, बालोद, बलरामपुर, गरियाबंद, मुंगेली, सूरजपुर, कोण्डागांव और सुकमा शामिल हैं, जो उनकी घोषणा के अनुरूप ये जिले जनवरी 2012 से अस्तित्व में आ गए और प्रदेश में जिलों की संख्या 18 से बढ़कर 27 होगई है  .            

जहाँ तक रायपुर जिले का सवाल है लगभग 14 वर्षों बाद इस जिले का पुनः विभाजन हुआ है . 24 विकासखंडों एवं 20 विधानसभा क्षेत्रों में फैले इस जिले की गिनती कभी देश के वृहत जिलों में होती थी . 6 जुलाई 1998 को इस जिले को विभाजित कर  धमतरी एवं महासमुंद जिले का निर्माण किया गया . चार विकासखंडों--धमतरी,नगरी,कुरूद एवं मगरलोड को धमतरी जिले में  तथा पांच विकासखंडों- महासमुंद,बागबहरा,पिथौरा,बसना एवं सरायपाली को महासमुंद जिले में शामिल किया गया .जिले के तीन टुकड़े होने के बावजूद भी पंद्रह विकासखंड अभनपुर,धरसीवां,तिल्दा,सिमगा,भाटापारा,बलौदाबाजार,पलारी,कसडोल,बिलाईगढ़,आरंग,फिंगेश्वर,छुरा,गरियाबंद,मैनपुर एवं देवभोग इस जिले में रह गए थे.
रायपुर जिले का नया आकार
 
  नए विभाजन में रायपुर जिले को पुनः तीन भागों में विभाजित किया गया है. जिले के पंद्रह विकास खण्डों में से  बलौदाबाजार ,  भाटापारा , सिमगा , पलारी , कसडोल एवं  बिलाईगढ़ को मिलाकर बलौदाबाजार तथा फिंगेश्वर,छुरा,गरियाबंद,मैनपुर एवं देवभोग को मिलाकर गरियाबंद जिले का निर्माण किया गया है .अब रायपुर जिले  में मात्र चार विकास खंड अभनपुर , आरंग ,धरसीवां एवं तिल्दा  ही शेष रह गए है . हालाँकि इसमें रायपुर शहर भी शामिल है जो धरसीवां विकासखंड का हिस्सा है . अब इस जिले का आकार काफी छोटा हो गया है . पहले कहाँ 24 विकासखंड और अब दूसरे विभाजन के बाद मात्र 4 विकासखंड रह गए है . जिलों के नए रेखांकन के बाद अब पुराना रायपुर जिला पांच भागों रायपुर,धमतरी,महासमुंद,बलौदाबाजार एवं गरियाबंद में विभाजित हो गया है . कभी ये पांच तहसील हुआ करते थे अब पांचों तहसील जिले का आकर ले चुके है  .

अभी देवभोग ब्लाक के तेल नदी के आगे के ग्रामीणों को लगभग 250 की.मी. की दूरी तय कर जिला मुख्यालय रायपुर आना पड़ता था अब उन्हें गरियाबंद आने के लिए मात्र  150 - 160 की.मी. की दूरी तय करनी पड़ेगी . इसी प्रकार बिलाईगढ़ ब्लाक के लोगों को बलौदाबाजार आने के लिए अधिकतम  125 की.मी. की दूरी तय करनी पड़ेगी . 
इससे आम लोगों को काफी राहत मिलेगी ,वे आसानी से जिला मुख्यालय तक पहुँच सकेंगें .  
     
राज्य बनाने के बाद रायपुर जिले का विभाजन  प्रशासनिक दृष्टि से काफी लाजिमी हो गया था . राजधानी होने के कारण प्रशासनिक अमले का सारा ध्यान रायपुर में ही लगा रहता है , सुदूर के क्षेत्रों में प्रशासन की पकड़ मजबूत बनाने के लिए डा. रमन सरकार ने बेहतर निर्णय लिया है . नए जिलों के निर्माण से एक ओर जहाँ आम लोगों की अड़चने दूर होंगीं तो दूसरी ओर  सरकार को
अपने विकास के दृष्टिकोण को अमलीजामा पहनाने में सुविधा होगी. सरकार की इस उपलब्धि को कई पीढ़ी तक याद किया जायेगा . मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने 9 नए जिलों का निर्माण कर  छत्तीसगढ़ महतारी को सबसे महंगे आभूषण नौलखा से विभूषित किया है .