रविवार, 23 जनवरी 2011

भण्डार गृह निगम द्वारा प्रदेश भर में किया जाएगा कृषक संगोष्ठियों का आयोजन : श्री अशोक बजाज



निगम के सभी गोदामों को मार्च तक मिलेगा नया लुक
अगले एक वर्ष में भण्डार क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य
नव-नियुक्त निगम अध्यक्ष द्वारा पहली समीक्षा बैठक

    रायपुर 23 जनवरी 2011

राज्य के किसानों को फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्हें अनाज भण्डारण और अनाज सुरक्षा की आधुनिक तकनीकों की भी जानकारी दी जाएगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम द्वारा प्रदेश भर में अपनी 107  शाखाओं में कृषक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। लगभग पांच लाख मीटरिक टन की सम्मिलित क्षमता वाले निगम के इन सभी 107  गोदामों को इस वर्ष मार्च के अन्त तक रंग-रोगन के साथ एक नया लुक दिया जाएगा। प्रत्येक गोदाम के सामने आकर्षक बोर्ड लगाकर किसानों और आम नागरिकों को निगम की कार्य प्रणाली की भी जानकारी दी जाएगी। अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने आज यहां निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारियों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्हें इस आशय के निर्देश दिए। निगम अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद श्री बजाज की अध्यक्षता में यह पहली समीक्षा बैठक थी।
    कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रास सभा भवन में दिन भर चली इस मैराथन बैठक में निगम के राज्य मुख्यालय के अधिकारियों सहित सभी जिलों के शाखा प्रबंधकों, क्षेत्रीय प्रबंधकों और अभियंताओं की उपस्थिति में उनके काम-काज की व्यापक समीक्षा की गयी और प्रदेश में अनाज भण्डार तथा अन्न सुरक्षा के लिए भावी कार्य योजना तथा रणनीति पर विचार मंथन हुआ। निगम अध्यक्ष श्री बजाज ने कहा कि अनाज का हर दाना मूल्यवान होता है। इसलिए अन्न सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ.  रमन सिंह की मंशा के अनुरूप निगम के सभी कार्य किसानों और गरीबों को केन्द्र बिन्दु में रखकर किए जाएंगे। उन्होंने निगम मुख्यालय सहित सभी मैदानी अधिकारियों को इसी भावना के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए। प्रदेश में स्थित निगम के 107 भण्डार गृहों को 31 मार्च 2011 तक भीतर और बाहर से बेहतर रंगाई-पोताई करने के लिए आज की बैठक में निगम अध्यक्ष ने प्रत्येक शाखा प्रबंधक को पचास हजार रूपए तक खर्च करने का भी अधिकार तुरन्त प्रदान कर दिया। निगम अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम को देश के सर्वश्रेष्ठ भण्डार गृह निगम के रूप में पहचान दिलाने के लिए सबको मिलकर पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा।
    श्री बजाज ने बैठक में कहा कि वर्तमान में निगम के गोदामों की कुल भण्डार क्षमता लगभग पांच लाख मीटरिक टन है,  जिसे अगले एक वर्ष में बढ़ाकर दोगुना करने का लक्ष्य लेकर हम सबको काम करना होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं राज्य की प्रमुख फसल धान सहित अन्य फसलों के सुरक्षित भण्डारण के लिए निगम की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से हर संभव सहयोग देने को तत्पर हैं। इसके लिए उन्होंने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि भण्डार गृह निगम से गोदाम निर्माण का प्रस्ताव मिलने पर निगम को 25 प्रतिशत छूट पर शासकीय भूमि तत्काल आवंटित करें,  जिसके लीज रेंट में 50 प्रतिशत की रियायत भी मुख्यमंत्री द्वारा दी गयी है। श्री बजाज ने आज की बैठक में अधिकारियों को राज्य सरकार के इस निर्णय के अनुरूप गोदामों के निर्माण के लिए जिलों में त्वरित पहल करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया गया कि निगम को 68  नये गोदामों के निर्माण की स्वीकृति मिली है और अब तक इनमें से 40  स्थानों पर इनकी निर्माण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इनमें से कई गोदाम 1800 से लेकर 3600 मीटरिक टन क्षमता के होंगे। श्री बजाज ने कहा कि वे बहुत जल्द प्रदेश के सभी चार संभागीय मुख्यालयों रायपुर, बिलासपुर, अम्बिकापुर और जगदलपुर जाकर वहां निगम की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक लेंगे। इन चारों संभागीय मुख्यालयों में निगम के क्षेत्रीय कार्यालय भी हैं। उन्होंने अधिकारियों को गोदामों के बेहतर रख-रखाव पर लगातार ध्यान देने और स्थल निरीक्षण भी करते रहने के निर्देश दिए। श्री बजाज ने कहा कि मैं भी स्वयं इन गोदामों का समय-समय पर निरीक्षण करूंगा। बैठक में निगम के प्रबंध संचालक डॉ. जितेन्द्र कुमार सहित मुख्यालय और जिलों से आए सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।DPR

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें