शनिवार, 31 दिसंबर 2011

मित्रों का अनुराग और पानी की बौछार

ख़िरकार वर्ष 2011 बीत गया और वर्ष 2012 आ गया .आईये हम सब मिलकर बीते वर्ष की बिदाई करें तथा नए वर्ष 2012 का स्वागत करें .हालाँकि सब कुछ वही है केवल समय चक्र बदल रहा है .  वर्ष 2011 के अंतिम दिन मौसम ने अंगड़ाई ली और असमान से बौछारें पड़ने लगी है . ऐसा लग रहा है मानों बारिस की बूंदें भी नए वर्ष का स्वागत कर रही हो. शाम से लगातार बारिस हो रही है और अभी तक यानी रात के 11.50 बजे तक जब मई यह पोस्ट लिख रहा हूँ बारिस थमने का नाम नहीं ले रही है .थर्टी फर्स्ट मनाने वाले को निश्चित रूप से परेशानी हो रही होगी .  कुछ लोग टी.वही.से चिपके होंगे . मोबाईल,फेसबुक, ब्लाग और ई-मेल में बधाइयों की बरसात हो रही है . एक बधाई सन्देश पढ़ नहीं पाते कि दूसरा सन्देश आ जाता है. समय पर हम अपना बधाई सन्देश भेज नहीं पा रहे है . इस पोस्ट के माध्यम से आप सबको बधाई सन्देश भेजने का प्रयास कर रहा हूँ ,कृपया इस सन्देश के साथ मेरा बधाई सन्देश स्वीकार करे .    



आप सबको नव-वर्ष 2012 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011

डा. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ महतारी को नौलखा पहनाया


छत्तीसगढ़
त्तीसगढ़ में 1 जनवरी 2012  से 9 नए जिलों के निर्माण की अधिसूचना जारी हो गई है . राज्य में अब जिलों की संख्या 18 से बढ़ कर 27 हो गई है . कभी यहाँ सिर्फ 7 जिले हुआ करते थे -- रायपुर,दुर्ग ,राजनांदगांव,बस्तर ,बिलासपुर, रायगढ एवं  सरगुजा . तब यह अविभाजित मध्यप्रदेश का हिस्सा था . 6 जुलाई 1998 को मध्यप्रदेश में 16 नए जिले बनाये गए जिसमें से 9 इस अंचल के थे . ये है  धमतरी,महासमुंद,कवर्धा, कांकेर,दंतेवाडा , कोरबा , जांजगीर-चांपा,जशपुर और कोरिया . छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय कुल 16 जिले थे .  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वर्ष 2007 में दो नये जिलों- बीजापुर और नारायणपुर का गठन किया था, जबकि इस वर्ष 2011 में उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नौ नये जिलों के निर्माण की घोषणा की है जिनमें बेमेतरा, बलौदाबाजार, बालोद, बलरामपुर, गरियाबंद, मुंगेली, सूरजपुर, कोण्डागांव और सुकमा शामिल हैं, जो उनकी घोषणा के अनुरूप ये जिले जनवरी 2012 से अस्तित्व में आ गए और प्रदेश में जिलों की संख्या 18 से बढ़कर 27 होगई है  .            

जहाँ तक रायपुर जिले का सवाल है लगभग 14 वर्षों बाद इस जिले का पुनः विभाजन हुआ है . 24 विकासखंडों एवं 20 विधानसभा क्षेत्रों में फैले इस जिले की गिनती कभी देश के वृहत जिलों में होती थी . 6 जुलाई 1998 को इस जिले को विभाजित कर  धमतरी एवं महासमुंद जिले का निर्माण किया गया . चार विकासखंडों--धमतरी,नगरी,कुरूद एवं मगरलोड को धमतरी जिले में  तथा पांच विकासखंडों- महासमुंद,बागबहरा,पिथौरा,बसना एवं सरायपाली को महासमुंद जिले में शामिल किया गया .जिले के तीन टुकड़े होने के बावजूद भी पंद्रह विकासखंड अभनपुर,धरसीवां,तिल्दा,सिमगा,भाटापारा,बलौदाबाजार,पलारी,कसडोल,बिलाईगढ़,आरंग,फिंगेश्वर,छुरा,गरियाबंद,मैनपुर एवं देवभोग इस जिले में रह गए थे.
रायपुर जिले का नया आकार
 
  नए विभाजन में रायपुर जिले को पुनः तीन भागों में विभाजित किया गया है. जिले के पंद्रह विकास खण्डों में से  बलौदाबाजार ,  भाटापारा , सिमगा , पलारी , कसडोल एवं  बिलाईगढ़ को मिलाकर बलौदाबाजार तथा फिंगेश्वर,छुरा,गरियाबंद,मैनपुर एवं देवभोग को मिलाकर गरियाबंद जिले का निर्माण किया गया है .अब रायपुर जिले  में मात्र चार विकास खंड अभनपुर , आरंग ,धरसीवां एवं तिल्दा  ही शेष रह गए है . हालाँकि इसमें रायपुर शहर भी शामिल है जो धरसीवां विकासखंड का हिस्सा है . अब इस जिले का आकार काफी छोटा हो गया है . पहले कहाँ 24 विकासखंड और अब दूसरे विभाजन के बाद मात्र 4 विकासखंड रह गए है . जिलों के नए रेखांकन के बाद अब पुराना रायपुर जिला पांच भागों रायपुर,धमतरी,महासमुंद,बलौदाबाजार एवं गरियाबंद में विभाजित हो गया है . कभी ये पांच तहसील हुआ करते थे अब पांचों तहसील जिले का आकर ले चुके है  .

अभी देवभोग ब्लाक के तेल नदी के आगे के ग्रामीणों को लगभग 250 की.मी. की दूरी तय कर जिला मुख्यालय रायपुर आना पड़ता था अब उन्हें गरियाबंद आने के लिए मात्र  150 - 160 की.मी. की दूरी तय करनी पड़ेगी . इसी प्रकार बिलाईगढ़ ब्लाक के लोगों को बलौदाबाजार आने के लिए अधिकतम  125 की.मी. की दूरी तय करनी पड़ेगी . 
इससे आम लोगों को काफी राहत मिलेगी ,वे आसानी से जिला मुख्यालय तक पहुँच सकेंगें .  
     
राज्य बनाने के बाद रायपुर जिले का विभाजन  प्रशासनिक दृष्टि से काफी लाजिमी हो गया था . राजधानी होने के कारण प्रशासनिक अमले का सारा ध्यान रायपुर में ही लगा रहता है , सुदूर के क्षेत्रों में प्रशासन की पकड़ मजबूत बनाने के लिए डा. रमन सरकार ने बेहतर निर्णय लिया है . नए जिलों के निर्माण से एक ओर जहाँ आम लोगों की अड़चने दूर होंगीं तो दूसरी ओर  सरकार को
अपने विकास के दृष्टिकोण को अमलीजामा पहनाने में सुविधा होगी. सरकार की इस उपलब्धि को कई पीढ़ी तक याद किया जायेगा . मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने 9 नए जिलों का निर्माण कर  छत्तीसगढ़ महतारी को सबसे महंगे आभूषण नौलखा से विभूषित किया है .  

सोमवार, 26 दिसंबर 2011

छत्तीसगढ़ के प्रयाग में " राजिम कुंभ 2012 " की तैयारी आज से प्रारंभ



हानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के पवित्र संगम पर छत्तीसगढ़ के प्रसिध्द तीर्थ राजिम के परम्परागत माघ पूर्णिमा के वार्षिक मेले की तैयारी शुरू हो गई है। इस सिलसिले में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा रायपुर जिले के प्रभारी श्री पुन्नूलाल मोहले ने आज शाम राजिम में केन्द्रीय समिति की बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने राज्य शासन द्वारा जनसहयोग से 'राजिम कुंभ' के रूप में आयोजित किए जाने वाले इस वार्षिक मेले से संबंधित तैयारियों के बारे में अधिकारियों ओर जनप्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया। राजिम कुंभ का यह सातवां वर्ष होगा।

       विशेष रूप से बनाए गए पंडाल में श्री मोहले की अध्यक्षता में आयोजित केन्द्रीय समिति की आज की तैयारी बैठक में बताया गया कि इस बार राजिम कुंभ का आयोजन 07 फरवरी 2012 से शुरू होगा और महाशिवरात्रि पर 20 फरवरी 2012 को इसका समापन होगा। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित आज की बैठक में कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, महासमुन्द्र के लोकसभा सांसद श्री चन्दूलाल साहू, राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार राय, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, अध्यक्ष नगर पंचायत राजिम श्रीमती अंजना महाडिक और राजिम कुंभ मेला समिति के अध्यक्ष श्री युधिष्ठिर चन्द्राकर सहित पर्यटन विभाग के सचिव श्री मनोहर पाण्डेय, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक श्री नरेन्द्र शुक्ला, इतिहासकार और बख्शी सृजनपीठ के अध्यक्ष श्री रमेन्द्र नाथ मिश्र भी उपस्थित थे। इनके अलावा सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय एवं स्थानीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन ंसिंह के नेतृत्व में राजिम के इस प्रसिध्द मेले को राजिम कुंभ के रूप में देश-विदेश में अच्छी पहचान मिली है। विगत वर्षों में इसका आयोजन बहुत ही बेहतर ढंग से हुआ है।


        श्री मोहले ने उम्मीद जतायी कि इस बार भी राजिम कुंभ के सभी कार्यक्रम सुचारू रूप से आयोजित और संचालित होंगे। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को राजिम कुंभ में आने वाले साधु-संतों और लाखों श्रध्दालुओं की सुविधा के लिए बिजली, पानी, प्राथमिक चिकित्सा, अग्नि सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, दाल-भात केन्द्रों की व्यवस्था, नगर एवं मेला स्थल की नियमित साफ-सफाई सहित सभी बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने कहा कि मेले में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों और कला मण्डलियों को भी मुख्य मंच पर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ  सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का मौका दिया जाना चाहिए। प्रभारी मंत्री ने इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

गुरुवार, 15 दिसंबर 2011

"मेरे दिल की बात" का विमोचन

( फेसबुक से साभार )
स्वराज्य करुण जी के काव्य संग्रह "मेरे दिल की बात" का विमोचन आज सभी ब्लागर मित्रों की उपस्थिति में भाई अशोक बजाज जी ने किया। स्वराज्य करुण जी को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई।

· · · 9 minutes ago ·


  • Deepak Sharma and 5 others like this.

    • Meenakshee Swami बहुत बहुत बधाई।
      7 minutes ago · · 1

    • Asha Asha Pandey badhai
      5 minutes ago ·

    • Rashmi Ravija बहुत बहुत बधाईएवं शुभकामनाएं !!
      4 minutes ago ·

    • Sangita Puri बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं !!
      2 minutes ago ·

मंगलवार, 13 दिसंबर 2011

खारुन नदी में एनीकट कम काजवे का निर्माण


खारुन नदी पर आमदी - रवेली गाँव के पास 3.22 करोड़ रु. की लागत से एनीकट कम काजवे का निर्माण कार्य शुरू .इससे रायपुर व दुर्ग के कई गाँव लाभान्वित होंगे .

गुरुवार, 24 नवंबर 2011

मुख्यमंत्री को गुरू घासीदास जयंती का न्यौता

 रायपुर, 24 नवम्बर 2011 / DPR
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज सवेरे यहां उनके  निवास पर आम जनता के मुलाकात के साप्ताहिक कार्यक्रम 'जनदर्शन' में राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज के नेतृत्व में रायपुर जिला अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात कर उन्हें अगले माह 30 एवं 31 तारीख को रायपुर जिले के आरंग में आयोजित किए जा रहे संत गुरू घासीदास जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का न्यौता दिया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को आमंत्रण के लिए धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी। प्रतिनिधि मंडल में सर्वश्री दयालु गाड़ा, धरमदास गौतम, देवेन्द्र खुंटे, मनोहर बघेल और श्रीमती बिमला भी शामिल थीं।


कवर्धा में राज्य स्तरीय रेडियो श्रोता सम्मलेन


दिनांक 20 नवंबर 2011 को कवर्धा में राज्य स्तरीय रेडियो श्रोता सम्मलेन संपन्न हुआ .



 

शुक्रवार, 11 नवंबर 2011

आरंग विकास खंड के ग्राम कुटेला में जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर संपन्न

मुख्यमंत्री  डा. रमन सिंह की नेतृत्व कुशलता , सकारात्मक दृष्टिकोण एवं ग्रामोन्मुखी योजनाओं से जन समस्याओं में पिछले 8 वर्षों में तेजी से कमी आई -- अशोक बजाज

 रायपुर / राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष अशोक बजाज ने आरंग विकास खंड के ग्राम कुटेला में आयोजित जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर में भाग लिया तथा किसानों को गेहूं व चने का बीज वितरण किया . इस अवसर पर उन्होनें नवनिर्मित खाद गोदाम तथा उचित मूल्य की दूकान का लोकार्पण किया . कार्यंक्रम में जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष योगेश चंद्राकर , सुनील मिश्रा , छोटेलाल सोनकर , मोहन चंद्राकर , के.पी.सूर्यवंशी , अमरनाथ वर्मा , अश्वनी शर्मा ,धरमदास गौतम , कृष्णकुमार भारद्वाज ,विनोद साहू , ध्रुव कुमार मिर्धा , रामाधार वर्मा ,रामानुज चंद्राकर ,संजय चंद्राकर ,राजेन्द्र वर्मा ,रमेश वर्मा ,शंकर साहू ,मोहन साहू ,ललित पान्डे ,दयालू यादव , एस.डी.एम. खां , मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज देव सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित थे . सभा को संबोधित कराते हुए श्री बजाज ने कहा कि मुख्यमंत्री  डा. रमन सिंह की नेतृत्व कुशलता , सकारात्मक दृष्टिकोण एवं ग्रामोन्मुखी योजनाओं से जन समस्याओं में पिछले 8 वर्षों में तेजी से कमी आई है . उन्होनें कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों को केंद्र बिन्दु  बना कर योजनायें संचालित की जा रही है जिसके संतोष जनक परिणाम सामने आ रहें है . श्री बजाज के कहा कि छ.ग. सरकार की आंशिक नशाबंदी का ही परिणाम है कि इस साल दीपावली का त्यौहार पूरे प्रदेश में शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया . 


रविवार, 6 नवंबर 2011

छत्तीसगढ़ में धान उत्सव प्रारंभ

मुख्यमंत्री की किसान हितैषी नीतियों से बढ़ रहा धान का उत्पादन : श्री अशोक बजाज

                                 
श्री अशोक बजाज ने ग्राम सिवनी में धान खरीदी का शुभारंभ किया 
त्तीसगढ़ की प्राथमिक सहकारी समितियों के उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए किसानों की चहल-पहल शुरू हो गई है। उन्हें उनकी मेहनत का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बेहतर इंतजाम वहां किए गए हैं।राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने धान खरीदी के विशेष अभियान के प्रथम दिवस पर कल रायपुर जिले के ग्राम सिवनी, खिलोरा, केन्द्री, अभनपुर, पी. जामगांव और सुन्दरकेरा के उपार्जन केन्द्रों का दौरा किया। उन्होंने वहां किसानों से मुलाकात की और धान उपार्जन के लिए आगामी 15 फरवरी तक चलने वाले खरीदी कार्य का शुभारंभ किया। श्री बजाज ने किसानों से कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की किसान हितैषी नीतियों और किसानों की मेहनत के फलस्वरूप राज्य में धान के उत्पादन में लगातार वृध्दि हो रही है। वर्ष 2010-11 में सर्वाधिक चावल उत्पादन के लिए केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 'कृषि कर्मण' पुरस्कार से नवाजा है। पिछले साल हमारे यहां की समितियों में पांच हजार करोड़ रूपए से भी ज्यादा राशि का लगभग 51 लाख मीटरिक टन धान खरीदा गया था। इस वर्ष प्रदेश सरकार ने समितियों में 55 लाख मीटरिक टन धान उपार्जन का अनुमानित लक्ष्य रखा है। इसके लिए किसानों को छह हजार करोड़ रूपए से ज्यादा राशि का भुगतान किया जाएगा। श्री बजाज ने किसानों को कार्तिक एकादशी की बधाई और शुभकामनाएं दी। उनके साथ मार्कफेड, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक और विभिन्न प्राथमिक सहकारी समितियों के पदाधिकारी भी मौजूद थे। जनसंपर्क छत्तीसगढ़ रायपुर

बुधवार, 26 अक्तूबर 2011

दीपावली की शुभकामनाएं ....







ॐ जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी माता ......





ॐ जय लक्ष्मी रमण , स्वामी जय लक्ष्मी रमण ......
 



दीपावली  की  शुभकामनाएं  .... 




गुरुवार, 13 अक्तूबर 2011

रायपुर जिले में जन चेतना यात्रा की तैयारी जोरों पर




आरंग रायपुर में जन चेतना यात्रा की तैयारी 
आरंग रायपुर में जन चेतना यात्रा की तैयारी
आरंग रायपुर में जन चेतना यात्रा की तैयारी
सांध्य दैनिक अग्रदूत 13.10.2011


गुरुवार, 29 सितंबर 2011

हर कीमत पर करूंगा संविधान की रक्षा : डॉ. रमन सिंह

  

मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण विचारों पर केन्द्रित पुस्तक का विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि संगठन और आम जनता के सहयोग और समर्थन से निर्वाचित होकर मैने जिस भारतीय संविधान की रक्षा की शपथ ली है, उसे हर कीमत पर और हर हालत में हमेशा निभाता रहूंगा। उन्होंने कहा कि देश के संविधान के खिलाफ काम करने वाली ताकतों से मै कभी हाथ नहीं मिला सकता। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि नक्सल मुद्दे पर वर्ष 2003 से आज तक मै और मेरी सरकार हमेशा कायम है और आगे भी नक्सल हिंसा के खिलाफ राज्य सरकार की नीतियों में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर और राज्य में गांव, गरीब तथा किसानों सहित समाज के सभी कमजोर वर्गो की बेहतरी के लिए जनभावनाओं पर आधारित छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों में आगे भी कोई परिवर्तन नहीं होगा।
        मुख्यमंत्री ने आज रात यहां आयोजित समारोह में इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने समारोह में श्री सुरेश तिवारी द्वारा संकलित और सम्पादित पुस्तक का विमोचन किया जिसमें श्री तिवारी ने डॉ. रमन सिंह के विगत सात वर्षो के कार्यकाल के विभिन्न प्रसंगों, विभिन्न अवसरों और विभिन्न कार्यक्रमों में व्यक्त उनके महत्वपूर्ण विचारों को संग्रहित कर पुस्तक स्वरूप में प्रस्तुत किया है। पुस्तक में श्री तिवारी द्वारा समय-समय पर मुख्यमंत्री से लिए गए कुछ प्रमुख साक्षात्कार भी शामिल किए गए हैं। मुख्यमंत्री के कार्यकाल की विभिन्न उपलब्धियों के बारे में प्रबुध्दजनों द्वारा व्यक्त विचारों और लिखे गए आलेखों का समावेश भी श्री तिवारी ने पुस्तक में किया है। डॉ. रमन सिंह ने समारोह में कहा कि वास्तव में किसी भी निर्वाचित मुख्यमंत्री को सरकार की नीतियां बनाते समय मात्र पांच वर्ष के कार्यकाल को नहीं बल्कि राज्य के हित में जनता की अगले कई दशकों तक की जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए। भले ही वह उतने लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहे या न रहे, लेकिन उसकी बनाई नीतियों का दूरगामी फायदा राज्य को मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि श्री तिवारी के आग्रह पर मै हालाकि इस पुस्तक का विमोचन कर रहा हू, लेकिन स्वयं के बारे में प्रकाशित इस किताब का विमोचन करते हुए मै खुद को काफी असहज महसूस कर रहा हॅ। डॉ. रमन सिंह ने विनम्रता पूर्वक कहा कि मुझे लगता है कि मैने अब तक ऐसा कुछ भी नहीं किया है जिस पर कोई किताब लिखे या प्रकाशित करे। संगठन ने और छत्तीसगढ़ की जनता ने मुझे सेवा का और राज्य के विकास के लिए काम करने का अवसर दिया है, जिसके हर एक पल का बेहतर इस्तेमाल कर सकूॅ यह मेरी कोशिश रहती है। जनता की ताकत के बल पर ही कई चुनौती पूर्ण निर्णय भी मुझे लेने पड़े जैसे गरीबों के लिए सस्ते चावल और नि:शुल्क नमक की योजना। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी जल सम्पदा, वन सम्पदा और खनिज सम्पदा की दृष्टि से काफी धनवान है। राज्य सरकार महानदी के पानी का उपयोग सिंचाई, मछली पालन, निस्तारी और पेयजल सुविधा तथा    औद्योगिक प्रयोजन के लिए करना चाहती है इसके लिए हम महानदी पर बिना किसी सरकारी खर्च के, दो हजार करोड़ रूपए की लागत से बहुत जल्द चार विशाल बैराजों का निर्माण करेंगे। इनसे छत्तीसगढ़ को अगले 50 वर्षों तक काफी राजस्व मिलेगा। कुछ लोगों को यह गलत फहमी थी कि सरकार महानदी में बैराज बनवाकर उसके पानी को बेचना चाहती है, जबकि ऐसी कोई बात नहीं है। डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नाते मेरी हमेशा यह कोशिश रही है कि राज्य के हितों का हमेशा संरक्षण हो। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ के लौह अयस्क का इस्तेमाल छत्तीसगढ़ में ही इस्पात बनाने में हो इसके लिए राज्य सरकार ने पहल करते हुए केन्द्र को समझाया कि यहां के लौह अयस्क का यहीं पर वेल्यूएडिशन हो। इसके बिना लौह अयस्क का देश से बाहर निर्यात करना राष्ट्रीय अपराध माना जाएगा। प्रधानमंत्री सहित केन्द्र के लोगों को भी यह बात माननी पड़ी। आज बस्तर में एन.एम.डी.सी. के स्टील प्लांट की परियोजना बहुत जल्द साकार होने जा रही है। समारोह में मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार श्री अशोक चतुर्वेदी, छत्तीसगढ़ हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक श्री रमेश नैय्यर, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्याम बैस और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एस.के.पाण्डेय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आभार प्रदर्शन छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने किया। श्री अशोक चतुर्वेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश की सामाजिक-आर्थिक प्रयोगशाला है, जो कुछ भी यहां घटित होता है, पूरे देश में उसका असर होता है। जनता ने और इतिहास ने डॉ. रमन सिंह को प्रदेश के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री के रूप में राज्य के विकास की कमान सौंपी है, वे छत्तीसगढ़ के एक ऐसे स्वप्न दृष्टा हैं जो आज राज्य की बेहतरी के लिए अपने सपनों को धरातल पर साकार होते देख रहे हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की क्षमताओं को बखूबी पहचान कर इसके विकास को एक नई ऊर्जा और गति प्रदान की है। 
   अपने आधार वक्तव्य में श्री रमेश नैय्यर ने कहा कि डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में गरीबों और समाज के जरूरतमंद तबको के विकास के लिए जो कुछ भी किया गया और इस दौरान प्रदेश ने जो कुछ भी किया, वह आज पूरे देश के लिए शोध का विषय बन गया है। श्री नैय्यर ने कहा कि डॉ. रमन सिंह ने राजनीति को जन सेवा का माध्यम बनाया है। छत्तीसगढ़ उनके नेतृत्व में खुशहाली के रास्ते पर चल पढ़ा है। गरीबों को भूख से मुक्ति मिली है। हर खेत को पानी और हर हाथ को काम मिल रहा है। प्रदेशवासियों को आगे भी उनसे कई अपेक्षाएं है। श्री श्याम बैस ने कहा कि डॉ. रमन सिंह अपने विचारों के जरिए राज्य में सुशासन की परिकल्पना को साकार कर रहे हैं। श्री श्याम बैस ने कहा कि श्री सुरेश तिवारी ने पुस्तक में मुख्यमंत्री के विचारों को एक कुशल संग्रहणकर्ता के रूप में बेहतर ढंग से प्रस्तुत किया है। समारोह में श्री सुरेश तिवारी ने पुस्तक की विषय वस्तु के बारे में बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य ब्रेवरेज कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्री देवजी भाई पटेल और विधायक श्री राजू सिंह क्षत्री भी उपस्थित थे।

रविवार, 25 सितंबर 2011

देश की आत्‍मा ही उसकी मूल संस्‍कृति है

               
पं. दीनदयाल उपाध्‍याय की जयंती 25 सितम्‍बर पर विशेष लेख 
                                                                                   पं.दीनदयाल उपाध्याय एक महान राष्ट्र चिन्तक एवं एकात्ममानव दर्शन के प्रणेता थे. उन्होनें मानव के शरीर को आधार बना कर राष्ट्र के समग्र विकास की परिकल्पना की. उन्होनें कहा कि मानव के चार प्रत्यय है पहला मानव का शरीर , दूसरा मानव  का मन , तीसरा मानव की बुद्धि और चौथा मानव की आत्मा. ये चारोँ पुष्ट होंगें तभी मानव का समग्र विकास माना जायेगा. इनमें से किसी एक में थोड़ी भी गड़बड़ है तो .....      Read More


 पं. दीनदयाल जयंती के कार्यक्रम की झलकियाँ ----







शनिवार, 27 अगस्त 2011

मैनपुर की जनता ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार माना





मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज रात यहां उनके निवास पर राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज के नेतृत्व में मैनपुर  क्षेत्र से आये ग्रामीणों के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधि मण्डल ने गरियाबंद को नया जिला बनाने की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार  प्रकट किया। प्रतिनिधि मण्डल में सर्वश्री योगेश शर्मा और जिला पंचायत सदस्य श्री अमृत लाल नागेश ,रामस्वरुप साहू, कन्हैयालाल साहू, रामसुंदर साहू, दिलीप साहू, राजेन्द्र तिवारी, शेख हसन खान, वली मोहम्मद , बलिहार  और दुलार सिन्हा आदि  शामिल थे।  

गुरुवार, 25 अगस्त 2011

नशामुक्ति की दिशा में महिलाओं में जबरदस्त उत्साह

प्रदेश को नशामुक्त करने के लिए महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है . भारत माता वाहिनी गठन के पश्चात् महिलाएं इस दिशा में काफी सक्रीय होती जा रही है . ग्राम भोथीडीह की महिलाओं ने स्व-स्फूर्त  भारत माता वाहिनी का गठन कर जन-जागरण का काम  शुरू कर दिया है . गाँव में पू.मा.शाला के शुभारंभ तथा प्रस्तावित नए भवन के भूमिपूजन के अवसर पर भारी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं तथा  राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष अशोक बजाज को नशामुक्ति  के  बारे में बोलने का आग्रह किया . उन्होंने जगह जगह " नशा हे ख़राब : झन पीहू शराब " के पोस्टर भी लगाये थे . इस अवसर पर श्री बजाज ने कहा कि महिलाओं ,जवानों  एवं ग्रामवासियों के सहयोग से ही गाँव नशामुक्त हो सकता है . उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डा. रमण सिंह ने इस पुनीत कार्य की जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपी है अतः महिलाएं स्वयं आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं .
     सरपंच डा. संध्या तिवारी के नेतृत्व में भोथीडीह की महिलाएं अशोक बजाज की अगवानी करती हुईं .

 " नशा हे ख़राब : झन पीहू शराब " का बैनर
  महिलाओं को संबोधित करते हुए अशोक बजाज

  मंच का दृश्य
 मंच का दृश्य