गुरुवार, 22 मार्च 2012

नगरी में 1800 मीटरिक टन के गोदाम का शिलान्यास



आदिवासी क्षेत्रों में भण्डारण क्षमता बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : श्री अशोक बजाज


त्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने कहा कि प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में अनाज भण्डारण की क्षमता बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री बजाज ने आज धमतरी जिले के तहसील और विकासखण्ड मुख्यालय नगरी  (सिहावा) में 60 लाख रूपए की लागत से बनने वाले 1800 मीटरिक टन क्षमता के गोदाम का भूमिपूजन कर शिलान्यास किया। श्री बजाज ने शिलान्यास समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में धान का उत्पादन हर साल बढ़ता जा रहा है। किसानों से धान खरीदी की उत्तम व्यवस्था राज्य शासन द्वारा समितियों के माध्यम से की गई है। इस वर्ष बीते खरीफ में सहकारी समितियों में लगभग 60 लाख मीटरिक टन धान की आवक हुई है। यह वास्तव में एक नया कीर्तिमान है। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों और किसानों को सम्बोधित करते हुए श्री बजाज ने कहा कि राज्य सरकार कृषि और उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं का संचालन कर रही है।  प्रदेश में धान सहित दलहन-तिलहन तथा रबी फसलों का उत्पादन भी निरन्तर बढ़ रहा है। कृषि उपजों की विपुल पैदावार को सुरक्षित रखने के लिए मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राज्य भण्डार गृह निगम द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में गोदामों के निर्माण की एक व्यापक कार्य योजना तैयार की गई है। इसमें आदिवासी क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उसी कार्य योजना के तहत आज नगरी में भी गोदाम निर्माण का शुभारंभ हुआ है। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष और पूर्व विधायक श्रीमती पिंकी धु्रव, मध्यप्रदेश के पूर्व विधायक श्री शिवराज शाह, नगर पंचायत नगरी के अध्यक्ष श्री नागेन्द्र शुक्ल और जनपद सदस्य श्री विकल गुप्ता सहित सर्वश्री राजेन्द्र गोलछा, अमर सिंह पटेल, जीवन नाहटा, रवि दुबे, प्रकाश बैस, आलोक सिन्हा, अचला यदु, प्रतिमा सिन्हा, अजय नाहटा, शिवशंकर गुप्ता, रामाधीन तथा राज्य भण्डार गृह निगम के कार्यपालन अभियंता श्री साबिर खान, वाणिज्य प्रबंधक श्री एम.एल. माकोड़े और क्षेत्रीय प्रबंधक श्री चटर्जी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। DPR

मंगलवार, 20 मार्च 2012

छत्तीसगढ़ के राशन दूकानों में "अन्नपूर्णा ए.टी.एम."

सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और भी अधिक पारदर्शी तथा सुगम बनाने कोर पी.डी.एस.
 राशन दूकान संचालित करने वाली महिलाओं को मिला अन्नपूर्णा  ए.टी. एम.
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को बेहतर से बेहतर बनाने की कोशिश राज्य शासन द्वारा की जा रही है। इस प्रणाली में सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से शत-प्रतिशत पारदर्शिता आयी है। मुख्यमंत्री ने आज शाम राजधानी रायपुर के राजातालाब में प्रायोगिक तौर पर पांच राशन दुकानों के लिए कोर पी.डी.एस. तथा केरोसीन कम्प्यूटरीकरण व्यवस्था का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने कोर पी.डी.एस. के अन्तर्गत हितग्राही परिवारों को स्मार्ट कार्ड प्रदान कर कोर पी.डी.एस. की शुरूआत की। मुख्यमंत्री ने इस अभिनव प्रणाली की प्रशंसा करते हुए स्मार्ट कार्ड को बैंकों के एटीएम कार्ड जैसा बताया। उन्होंने इसका नामकरण 'राशन का अन्नपूर्णा एटीएम कार्ड' करने का भी ऐलान किया। डॉ. सिंह ने एक हितग्राही को उसके कार्ड के आधार पर राशन भी वितरित किया।
   उल्लेखनीय है कि कोर पी.डी.एस. में परिवारों को राशनकार्ड के स्थान पर स्मार्ट कार्ड दिए जा रहे हैं। संबंधित राशन दुकान में जाकर हितग्राही अपने स्मार्ट कार्ड को मशीन में डालकर अपने कोटे के राशन में से जरूरत के हिसाब से राशन प्राप्त कर सकता है। अगले दो माह में राजधानी रायपुर की सभी 175 राशन दुकानों को इस नवीन प्रणाली से जोड़कर वहां के वर्तमान राशन कार्ड धारकों को स्मार्ट कार्ड जारी करने का लक्ष्य है। इस प्रणाली में ऐसी कम्प्यूटरीकृत तकनीकी व्यवस्था की है कि कोई भी स्मार्ट कार्ड धारक किसी भी राशन दुकान में जाकर अपने स्मार्ट कार्ड के आधार पर जरूरत का राशन प्राप्त कर सकता है।
    खाद्य मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल,  छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज,विधायक श्री कुलदीप जुनेजा , नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती किरणमयी नायक, सभापति श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर संभाग के कमिश्नर श्री बी.एल. तिवारी और खाद्य सचिव श्री विकासशील विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे।
 "अन्नपूर्णा ए.टी.एम." का अवलोकन
    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली ने पूरे देश में लिए एक आदर्श व्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बनायी है। राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत प्रदेश के 34 लाख गरीब परिवारों को एक रूपए और दो रूपए किलो की दर से प्रति माह 35 किलो चावल उपलब्ध कराने के लिए लगभग एक हजार करोड़ रूपए का अनुदान दिया जा रहा है। गरीबों के लिए दी जा रही यह सहायता अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इस प्रयास में हम काफी हद तक सफल भी रहे हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को इस तरह बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे अंतिम व्यक्ति संतुष्ट हो। उन्होंने कहा कि कोर पी.डी.एस. सिस्टम में हितग्राही अपनी पसंद की किसी भी राशन दुकान से अपने हिस्से का राशन ले सकेगा। उन्होंने कहा कि रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और भिलाई से प्रारंभ की जा रही इस व्यवस्था का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रायपुर शहर में पचास शासकीय उचित मूल्य की दुकानों सह गोदामों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राशन कार्ड धारक हितग्राहियों सर्वश्री गणेश, दिलावर खान, अमरिक सिंह, हैनुराव, भुवनेश्वर धीवर, महतरु, श्रीमती मिथला बंछोर और पनकनी बाई को स्मार्ट कार्ड तथा केरोसीन कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था के तहत विभिन्न केरोसीन ऐजेंसियों के प्रतिनिधियों को पाईंट ऑफ सेल डिवाइस मशीन वितरित की। इस मशीन के जरिए किस राशन दुकान में कितना केरोसिन है और कितना वितरित किया गया इसकी जानकारी इलेक्ट्रानिक रुप से एन.आई.सी. के सर्वर पर आनलाइन दर्ज हो जाएगी। उन्होंने राशन दुकान से एक हितग्राही श्री तुकेश्वर यादव को स्मार्ट कार्ड के जरिए राशन वितरित कर कोर पी.डी.एस. का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए खाद्य मंत्री श्री पुन्नू लाल मोहिले ने कहा कि अगले दो माह में रायपुर की सभी 175 दुकानों में इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। राशन लेने वाले को रसीद भी मिलेगी अब उसे राशन के लिए दुकान के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कविताओं के माध्यम से योजना की जानकारी रोचक ढंग से आम जनता को दी।
    संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि पूरे देश में यदि कहीं सार्वजनिक वितरण प्रणाली की बेहतर व्यवस्था है तो वह छत्तीसगढ़ में है। खाद्य सचिव श्री विकासशील ने योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हितग्राही किसी भी दुकान से राशन ले सकते हैं, उन्हें लिए गये राशन की प्रिंटेड रसीद भी दी जाएगी। यदि हितग्राही किसी दुकान की सेवाओं से संतुष्ट नहीं है, तो वह अपनी पसंद की किसी भी दुकान से राशन ले सकेगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा चलित राशन दुकानें भी प्रारंभ की जाएंगी, जो निर्धारित दिनों में, तय स्थान पर नियत समय पर उपलब्ध होंगी, हितग्राही इन दुकानों से भी राशन ले सकेंगे। योजना के प्रथम चरण में रायपुर शहर की पांच उचित मूल्य दुकानों में कोर पी.डी.एस. व्यवस्था प्रारंभ की जा रही है। कोर पी.डी.एस. में मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को स्मार्ट कार्ड के माध्यम से तथा ए.पी.एल. कार्डधारियों को कम्प्यूटरीकृत राशनकार्ड के जरिए खाद्यान्न प्राप्त होगा। इससे चार हजार से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।
    कोर पी.डी.एस. व्यवस्था से उचित मूल्य दुकानदारों को मेनुअल प्रविष्टि से भी मुक्ति मिलेगी और उपभोक्ताओं को खाद्यान्न प्राप्त करने में  कम समय लगेगा। उपभोक्ताओं के द्वारा खाद्यान्न का उठाव करने पर इसकी जानकारी पाइंट ऑफ सेल उपकरण के माध्यम से एन.आई.सी. के सर्वर के जरिए आनलाइन हो जाएगी। इससे खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी। इंटरनेट में खाद्यान्न उठाव की जानकारी दर्ज होने के साथ ही शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में आवश्यकतानुसार पुन: भंडारण किया जा सकेगा तथा उचित मूल्य दुकानों में शेष आबंटन की मात्रा भी देखी जा सकेगी जिससे आबंटन प्रदाय करने में सुविधा होगी।
    रायपुर शहर में जिन पांच उचित मूल्य दुकानों में कोर पी.डी.एस. व्यवस्था आज से लागू की जा रही है, उनमें रानी लक्ष्मीबाई वार्ड क्रमांक 23 फोकटपारा देवेन्द्र नगर में जयविजय प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, पंडित रविशंकर शुक्ल वार्ड क्रमांक 24 राजातालाब में प्रीणा सामुदायिक विकास समिति तथा चलो चलें सामुदायिक विकास समिति द्वारा संचालित दो उचित मूल्य दुकान एवं कालीमाता वार्ड क्रमांक 33 में पंडरी शिव मंदिर के पास स्थित कंचन सामुदायिक विकास समिति द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकान शामिल हैं। कोर पी.डी.एस. के लिए चयनित दुकानों में पाइंट आफ सेल उपकरण तथा स्मार्टकार्ड दिया गया है। पाइंट आफ सेल मशीन से स्मार्ट कार्ड और कम्प्यूराईज्ड कोर्ड स्वेप करने पर उपभोक्ताओं को खाद्यान्न चावल, गेहूं, नमक, एवं केरोसीन की पात्रता मात्रा कीमत सहित प्रदर्शित होने के साथ ही बिल भी प्राप्त होगा।

सोमवार, 12 मार्च 2012

भण्डार गृह निगम को 21.90 करोड़ रूपए का मुनाफा




प्रदेश सरकार के सार्वजनिक उपक्रम छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम को चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 21 करोड़ 90 लाख रूपए का विशुध्द मुनाफा हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में तीन प्रतिशत ज्यादा है। निगम की भण्डारण क्षमता आज की स्थिति में बढ़कर करीब सात लाख मीटरिक टन हो गयी है, जबकि वर्ष 2002 में इसकी भण्डारण क्षमता केवल चार लाख 24 हजार मीटरिक टन थी। यह जानकारी आज यहां आयोजित निगम की 9वीं वार्षिक साधारण सभा में दी गयी। निगम मुख्यालय में आयोजित साधारण सभा की बैठक की अध्यक्षता निगम अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने की। श्री बजाज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशा के अनुरूप निगम द्वारा राज्य में अनाज भण्डारण के अलावा फल-फूलों और सब्जियों के सुरक्षित भण्डारण के लिए कोल्ड स्टोरेज निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है। इस अवसर पर केन्द्रीय भण्डार गृह निगम के प्रतिनिधि श्री अविनाश गायमुखे, राज्य शासन के प्रतिनिधि, खाद्य विभाग के अवर सचिव श्री एम.के. गुप्ता और निगम महाप्रबंधक श्री जन्मेजय महोबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

रविवार, 11 मार्च 2012

नेत्रहीन बच्चों का होली मिलन समारोह

श्री अशोक बजाज शामिल हुए नेत्रहीन बच्चों के होली मिलन समारोह में

(जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ रायपुर 11 मार्च 2012)

छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज यहां नेत्रहीन बच्चों के होली मिलन समारोह में शामिल हुए। श्री बजाज ने समारोह में बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस समारोह का आयोजन यहां शासकीय विज्ञान महाविद्यालय रायपुर  के छात्रावास में समाज सेवी संस्था 'परिमल प्रयास' द्वारा किया गया । समारोह में सर्वश्री प्रमोद भट्ट, संदीप अखिल और सुश्री सुभ्रा ठाकुर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। DPR


गुरुवार, 1 मार्च 2012

चावल भण्डारण का 95 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण होने पर मिली बधाई





राज्यपाल श्री शेखर दत्त से  सौजन्य मुलाकात

राज्यपाल श्री शेखर दत्त से कल यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ राज्य भण्डारगृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल को बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2011-12 में निगम की भण्डारण क्षमता के अनुरूप कस्टम मिलिंग के 12 लाख मीटरिक टन चावल के भण्डारण का लक्ष्य दिया गया था। इसमें से अब तक 95 प्रतिशत भण्डारण पूर्ण कर लिया गया है। राज्यपाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें तथा निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। श्री बजाज ने राज्यपाल को बताया कि प्रदेश में चावल की विपुल पैदावार सहित अन्य कृषि उपजों के भण्डारण की क्षमता बढ़ाने के लिए निगम द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में वित्तीय संस्थाओं के सहयोग से विभिन्न जिलों में गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है। राज्यपाल श्री दत्त ने निगम अध्यक्ष को प्रदेश में साग-सब्जियों और फल-फूलों के सुरक्षित भण्डारण के लिए शीतगृहों के निर्माण के लिए भी पहल करने की सलाह दी। श्री बजाज ने उन्हें बताया कि वर्तमान में निगम के गोदामों की भण्डारण क्षमता सात लाख मीटरिक टन है। इसके अलावा हम लगभग पांच लाख टन भण्डारण क्षमता के निजी गोदाम भी किराए पर लेकर अनाज भण्डारण के लिए उपलब्ध करा रहे हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह स्वयं इसमें काफी दिलचस्पी ले रहे हैं और उन्होंने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को यह निर्देश भी जारी किया है कि राज्य भण्डार गृह निगम से गोदाम निर्माण के लिए प्रस्ताव आने पर उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ शासकीय भूमि आवंटित की जाए। (समाचार छत्तीसगढ़ जनसंपर्क रायपुर )