शुक्रवार, 22 जुलाई 2011

विश्व जम्बूरी स्वीडन में लहराएगा छत्तीसगढ़ का परचम

स्काउट्स-गाइड्स के 25 बच्चे शामिल होंगे विश्व जम्बूरी  में 

स्वीडन में भी छत्तीसगढ़ का परचम लहराएगा। राज्य के आदिवासी बहुल जिलों के भारत स्काउट्स एवं गाइड्स संगठन के 25 स्कूली बच्चे स्वीडन में आगामी 27 जुलाई से 07 अगस्त तक होने वाली अन्तर्राष्ट्रीय स्काउट्स एवं गाइड्स संगठन की 22 वीं विश्व जम्बूरी में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। इनमें 11 स्काउट्स और 13 गाइड्स शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने उन्हें स्वीडन यात्रा के लिए आशीर्वाद सहित अपनी शुभकामनाएं दी हैं। इन बच्चों ने आज शाम यहां मुख्यमंत्री से उनके निवास पर सौजन्य मुलाकात की। डॉ. सिंह ने विश्व जम्बूरी के लिए इन बच्चों के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।

मुख्यमंत्री के साथ  स्काउट्स एवं गाइड्स
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, नि:शक्तजन आयुक्त श्री इन्दर चोपड़ा, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री विनोद खाण्डेकर तथा राज्य सहायक आयुक्त श्री राजेश अग्रवाल भी उपस्थित थे। श्री विनोद खाण्डेकर ने मुख्यमंत्री को बताया कि इन बच्चों की स्वीडन यात्रा का पूरा खर्च राज्य सरकार के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा दिया जा रहा है। इसके अलावा इनमें गरीबी रेखा श्रेणी का एक छात्र अम्बिकापुर (सरगुजा) निवासी नेहाल बेक भी शामिल है, जिसकी स्वीडन यात्रा का पूरा व्यय स्काउट्स एवं गाइड्स के विश्व ब्यूरो द्वारा वहन किया जा रहा है। संगठन के विश्व ब्यूरो ने स्वीडन होने वाली अन्तर्राष्ट्रीय जम्बूरी के लिए सभी देशों से गरीबी रेखा श्रेणी के पांच-पांच विद्यार्थियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया है। श्री खाण्डेकर ने मुख्यमंत्री को बताया कि स्वीडन के रिन्काबाई क्रिस्टि्एनस्टेड शहर में आयोजित इस विश्व जम्बूरी में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों की यह टीम कल 23 जुलाई को रायपुर से नई दिल्ली होते हुए स्वीडन के लिए रवाना होगी। टीम के सदस्य स्वीडन से लौटकर 09 अगस्त को दिल्ली होते हुए रायपुर से आएंगे। टीम की स्वीडन यात्रा का नेतृत्व छत्तीसगढ़ राज्य मुख्य आयुक्त श्री विनोद खाण्डेकर, राज्य सहायक आयुक्त श्री राजेश अग्रवाल और राज्य सचिव श्री एस.के. तिनगुरिया करेंगे।

         छत्तीसगढ़ से स्वीडन जाने वाले इस दल के स्काउट सदस्यों में शासकीय बहुउददेश्यीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर (सरगुजा) के छात्र नेहाल बेक, सरगुजा जिले से ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला ग्राम बंदवा के अभिनव पैकरा, धमतरी जिले के शासकीय श्रृंगी ऋषि उच्चतर माध्यमिक शाला नगरी के देवव्रत कश्यप, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मेरेगांव (चौकी) जिला राजनांदगांव से आशीष कुमार साहू, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला दंतेवाड़ा के जयप्रकाश विश्वकर्मा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला तुमान जिला कोरबा के प्रवीण कुमार, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कटघोरा, जिला कोरबा के रूपेश कुमार जगत, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला नरहरपुर, जिला उत्तर बस्तर (कांकेर) के बालकृष्ण, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सिदेसर, जिला उत्तर बस्तर (कांकेर) के यानु राम, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला गढ़बेंगाल, जिला नारायणपुर के पुरूषोत्तम नायक, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला नारायणपुर के राहुल मण्डल और शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पण्डरीपानी जिला बस्तर के किशन कुमार शामिल है। इनके अलावा गाइड्स प्रतिभागियों में अंबिका मिशन कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला अम्बिकापुर की छात्रा कुमारी सोनम वर्मा, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला नगरी, जिला धमतरी की कुमारी वैशाली किरण, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला अम्बागढ़ चौकी, जिला राजनांदगांव की कुमारी नेहा निषाद, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, दंतेवाड़ा की कुमारी सुनीता प्रसाद, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बचेली, जिला दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) की कुमारी कुमारी दीपा तेलामी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कटघोरा, जिला कोरबा की कुमारी श्वेता जायसवाल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला फरसवानी, जिला कोरबा की कुमारी श्वेता सोनी, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला चारामा, जिला उत्तर बस्तर (कांकेर) की कुमारी सविता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला गढ़बेंगाल, जिला नारायणपुर की कुमारी आशा मण्डावी, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला नारायणपुर की कुमारी निकिता साहू, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला क्रमांक-2, जगदलपुर, जिला बस्तर की कुमारी उपासना ठाकुर, माता रूक्मणि कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, डिमरापाल, जिला बस्तर की कुमारी नबीना कश्यप और शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला छुरा, जिला रायपुर की कुमारी तोमेश्वरी ध्रुव  का चयन स्वीडन यात्रा के लिए किया गया है। इन बच्चों की यात्रा के सुचारू संचालन के लिए स्टाफ के चार और आई.एस.टी. के चार सदस्य भी स्वीडन जाएंगे।

शा. उ. मा.शाला छुरा की कु. तोमेश्वरी ध्रुव ने आज के पहले कभी रेलगाड़ी से  भी यात्रा नहीं की है लेकिन इस बार उसे अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा का चांस मिला है ।

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